Indore Metro Corridor: इंदौर में 2,850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नए मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ हो गया है। 17 किमी लंबे इस कॉरिडोर में 16 स्टेशन हैं, जबकि भविष्य में मेट्रो को पीथमपुर और उज्जैन तक ले जाने की तैयारी है।

Indore Metro New Route: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के लिए 5 सितंबर का दिन परिवहन के लिहाज से अहम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के करीब 2,850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नए मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ किया। नए चरण के शुरू होने से शहर में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क और मजबूत हुआ है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ बापट चौराहा से गांधीनगर तक मेट्रो ट्रेन में सफर किया। यात्रा के दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों से बातचीत की और उनके साथ समय भी बिताया।

17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 16 स्टेशन

नए मेट्रो चरण के तहत इंदौर के नेटवर्क का विस्तार शहर के भीतर के महत्वपूर्ण इलाकों तक किया गया है। करीब 17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 16 स्टेशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो का विस्तार सिर्फ परिवहन सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंदौर के विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि पहले चरण को मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद अब मेट्रो को शहर के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचाया जा रहा है। आने वाले समय में इसके और चरण पूरे किए जाएंगे, जिससे इंदौर और मालवा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

उज्जैन और पीथमपुर तक विस्तार की तैयारी

इंदौर मेट्रो को आने वाले समय में उज्जैन, पीथमपुर, महू और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मेट्रो का मूल उद्देश्य शहर के भीतर आवागमन को आसान बनाने के साथ इंदौर के विस्तार को गति देना और यातायात के दबाव को कम करना है।

उन्होंने बताया कि भविष्य में मेट्रो का विस्तार पीथमपुर तक किए जाने की योजना है। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्रों से होते हुए उज्जैन, अवंतिकापुरी और मक्सी तक नेटवर्क बढ़ाने की परिकल्पना है।

इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना से मुंबई कनेक्टिविटी होगी आसान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन के लिए 18,500 करोड़ रुपये की मंजूरी को भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना इंदौर, मालवा और पूरे मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

रेल लाइन पूरी होने के बाद इंदौर से महाराष्ट्र और मुंबई के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे मुंबई जाने के लिए गुजरात के रास्ते पर निर्भरता कम होगी और इंदौर-महाराष्ट्र कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिलेगा।

उज्जैन-इंदौर-मुंबई नेटवर्क को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में गुना-उज्जैन, उज्जैन-इंदौर और इंदौर-मनमाड़ के बीच रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर मेट्रो के उज्जैन तक विस्तार का लक्ष्य भी रखा गया है।

मेट्रो और रेल नेटवर्क के इस विस्तार से इंदौर और उज्जैन समेत आसपास के क्षेत्रों को एक बड़े महानगरीय परिवहन नेटवर्क के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है। इससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

शहर के विकास और व्यापार को मिलेगी रफ्तार

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इंदौर के नए मेट्रो कॉरिडोर को शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पहले मेट्रो का करीब 6 किलोमीटर हिस्सा बाहरी क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन नए कॉरिडोर के जुड़ने से नेटवर्क शहर के प्रमुख हिस्सों तक पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि मेट्रो से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, कारोबारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन की सुविधा मिलेगी। बेहतर सार्वजनिक परिवहन से लोगों के यात्रा समय में कमी आने के साथ शहर में उद्योग और व्यापार को भी गति मिल सकती है।

मालवा क्षेत्र के लिए बड़ी कनेक्टिविटी योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर को लगातार मिल रही विकास परियोजनाओं का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। मेट्रो के विस्तार के साथ इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना और उज्जैन तक कनेक्टिविटी की योजनाएं पूरे मालवा क्षेत्र के परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम हैं।

इंदौर मेट्रो के नए चरण के शुरू होने से शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को विस्तार मिला है। अब आने वाले चरणों में इसका पीथमपुर, महू, उज्जैन और अन्य प्रमुख क्षेत्रों तक विस्तार कितना तेज होता है, यह इंदौर के भविष्य के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण होगा।