उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर करने और उसकी तस्वीरें शेयर करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। पीड़िता की शिकायत पर राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश के बाद साइबर पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली पुलिस ने उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान कथित तौर पर उजागर करने और सोशल मीडिया पर उससे जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने को लेकर FIR दर्ज की है। यह जानकारी शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत को दी गई।

यह घटनाक्रम राउज एवेन्यू कोर्ट में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार की अदालत में कार्यवाही के दौरान सामने आया, जहां दिल्ली पुलिस ने एक स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि पीड़िता की ताजा शिकायत के बाद 6 अगस्त को साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी।

पीड़िता की शिकायत पर हुई कार्रवाई

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, FIR में POCSO मामले की पीड़िता की पहचान उजागर करने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसकी तस्वीर का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक टिप्पणियां और सामग्री पोस्ट करने के आरोप शामिल हैं। पीड़िता ने कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उसने आरोप लगाया था कि यौन उत्पीड़न पीड़िताओं की पहचान की सुरक्षा करने वाले कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद कई लोग लगातार ऑनलाइन उसकी पहचान उजागर कर रहे हैं।

अपनी शिकायत में, पीड़िता ने अदालत को बताया कि इसी तरह की एक FIR पहले ही 2025 में उन्नाव, उत्तर प्रदेश में दर्ज की जा चुकी है, और यह मामला एक स्थानीय अदालत में लंबित है। हालांकि, उसने आरोप लगाया कि पहले के आपराधिक मामले के बावजूद, उसकी पहचान और तस्वीर को उजागर करने वाली आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर लगातार दिखाई दे रही हैं।

कानूनी प्रावधान और पुलिस का एक्शन

नई शिकायत का संज्ञान लेते हुए, दिल्ली पुलिस ने एक अलग जांच शुरू की और ऑनलाइन पोस्ट की जांच करने तथा कानून का कथित रूप से उल्लंघन करने वालों की पहचान करने के लिए FIR दर्ज की। भारतीय कानून के तहत, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत आने वाले मामलों सहित यौन अपराधों के पीड़ितों की पहचान उजागर नहीं की जा सकती है। अदालतों ने बार-बार पीड़िताओं की निजता और सम्मान की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, और इसका उल्लंघन करने पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।

क्या है उन्नाव रेप केस?

यह मामला देश के सबसे हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में से एक, उन्नाव रेप केस से जुड़ा है। पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पीड़िता से बलात्कार का दोषी ठहराया गया था और दिसंबर 2019 में दिल्ली की एक अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उसकी दोषसिद्धि और सजा को फिलहाल दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है।

उन्नाव मामले ने पीड़िता और उसके परिवार को डराने-धमकाने, उन पर हमले और कई कानूनी कार्यवाहियों के आरोपों के बाद देशव्यापी आक्रोश पैदा कर दिया था। इसके चलते यौन उत्पीड़न के मामलों में पीड़ितों और गवाहों की मजबूत सुरक्षा के लिए नए सिरे से मांग उठी थी।

ताजा शिकायत पर दिल्ली पुलिस की जांच जारी है, और साइबर जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

(हेडलाइन को छोड़कर, इस खबर को एशियानेट न्यूज एडिटोरियल स्टाफ ने संपादित नहीं किया है और यह एक सिंडिकेट फीड से प्रकाशित हुई है।)