
नई दिल्ली. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने सवाल खड़े किए कि आप पहले बॉम्बे हाईकोर्ट क्यों नहीं गए। कोर्ट ने कहा कि पहले हाईकोर्ट जाइए। परमबीर सिंह ने अपने ट्रांसफर को लेकर याचिका लगाई थी।
SC ने कहा- आरोप बहुत गंभीर, लेकिन पहले हाईकोर्ट जाए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, महाराष्ट्र के गृह मंत्री के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर द्वारा लगाए गए आरोप बहुत गंभीर हैं। कोर्ट ने परम बीर सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी से पूछा कि उन्होंने सीबीआई जांच की मांग के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख क्यों नहीं किया।
कोर्ट ने पूछा, महाराष्ट्र के गृहमंत्री को पार्टी क्यों नहीं बनाया
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ये भी पूछा कि परमबीर सिंह ने अपनी याचिका में महाराष्ट्र के गृहमंत्री को पार्टी क्यों नहीं बनाया है क्योंकि उन पर आरोप लगाए गए हैं।
"सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अनुच्छेद 226 में व्यापक शक्तियां हैं"
सुप्रीम कोर्ट की बेंच में जस्टिस संजय किशन कौल और सुभाष रेड्डी ने सुनवाई की। उन्होंने कहा, अनुच्छेद 226 में व्यापक शक्तियां हैं। यदि आप जांच एजेंसी से जांच चाहते हैं तो हाईकोर्ट ऐसा कर सकता है। हाईकोर्ट को अनुच्छेद 226 के तहत स्थानांतरित करें।
परमबीर सिंह ने याचिका में क्या-क्या आरोप लगाए थे?
परमबीर सिंह ने याचिका में कहा था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख फरवरी 2021 में अपने आवास पर क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट, मुंबई के सचिन वेज और एसीपी सोशल सर्विस ब्रांच, एसीपी सोशल सर्विस ब्रांच सहित कई पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। उन्हें निर्देश दिया गया कि हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली कर उन्हें दें।
परमबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि अनिल देशमुख विभिन्न जांचों में हस्तक्षेप कर रहे थे और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
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