मोदी और शी जिनपिंग के बीच अनोखा रिश्ता! सुनिए पॉडकास्ट में कहानी, PM की जुबानी

Published : Jan 10, 2025, 04:52 PM ISTUpdated : Jan 10, 2025, 08:04 PM IST
PM Modi Podcast

सार

पीएम मोदी ने निखिल कामथ के पॉडकास्ट में अपने जीवन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ खास रिश्ते पर बात की। ह्वेन सांग की वजह से दोनों नेताओं के गांवों का अनोखा संबंध है।

PM Modi Podcast: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला पॉडकास्ट चर्चा में है। निखिल कामथ के पॉडकास्ट 'पीपल बाई डब्ल्यूटीएफ' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जीवन के कई खुलासे किए। प्रारंभिक जीवन से लेकर राजनैतिक कार्यकाल पर खुलकर बातचीत में पीएम मोदी ने अपने और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनोखे रिश्ते को लेकर सार्वजनिक बयान दिया। कामथ के साथ पीएम मोदी के पॉडकास्ट को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है।

शी जिनपिंग और पीएम मोदी का क्या है रिश्ता?

निखिल कामथ के पॉडकास्ट 'पीपल बाई डब्ल्यूटीएफ' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि वह बड़नगर के भागवताचार्य नारायणाचार्य हाईस्कूल में प्रारंभिक शिक्षा लिए थे। उस समय टेन प्लस टू नहीं था। 11वीं कक्षा तक थी। उन्होंने बताया कि वह कहीं पढ़े थे कि चाइनीज फिलासाफर ह्वेन सांग भारत आया तो सबसे अधिक समय बड़नगर में बिताया था। इसको लेकर एक फिल्म बनाने का प्रस्ताव था। मोदी ने बताया कि मैंने शायद यहां के दूतावास या कहीं और एक चिट्ठी लिखी कि अगर फिल्म बना रहे हैं तो मेरे गांव का भी जिक्र करना क्योंकि ह्वेन सांग हमारे गांव में भी रहे थे। उसके पहले मेरे गांव में एक रसिक भाई दवे करके थे। वह कांग्रेस के लीडर थे, समाजवादी विचार के थे। वह मूल सौराष्ट्र के थे लेकिन मेरे गांव में आकर बस गए थे। वह हम स्कूली बच्चों को कहते थे कि तुम बच्चे कहीं भी जाओ और गांव में कोई ऐसा पत्थर मिले जिस पर कोई आकृति बनी हो या कुछ लिखा हो तो यहां लाकर स्कूल के एक जगह पर रख देना। धीरे-धीरे वह बड़ा ढेर हो गया। मैं तब समझा कि उनका इरादा था कि यह बहुत पुरातन गांव है। कुछ मिले तो इकट्ठा करो, जब भी कोई व्यक्ति आएगा तो वह इसे खोज पाएगा।

2014 में जब मैं प्रधानमंत्री बना तो स्वाभाविक तौर पर दुनिया के लीडर्स कर्टसी कॉल करते हैं। तो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी कॉल किया। शुभकामनाएं देने के बाद उन्होंने खुद कहा कि मैं भारत आना चाहता हूं। मैंने कहा कि स्वागत है आइए। तो उन्होंने कहा कि मैं गुजरात जाना चाहता हूं तो उन्होंने कहा कि यह और भी अच्छी बात है तो उन्होंने खुद फिर कहा कि मैं तुम्हारे गांव बड़नगर जाना चाहता हूं। मोदी ने कहा कि मैंने पूछा क्या बात है आपने यहां तक का कार्यक्रम बना दिया है। तो उन्होंने कहा कि तुम्हें मालूम है कि मेरा और तुम्हारा एक स्पेशल नाता है। मैंने पूछा-क्या? उन्होंने बताया कि ह्वेनसांग जो चाइनीज फिलासाफर था वह सबसे ज्यादा तुम्हारे गांव में रहा। लेकिन जब वापस चीन आया तो सबसे अधिक समय मेरे गांव में रहा। हम दोनों का यह कनेक्ट है।

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