
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में सेना के ठिकानों पर ड्रोन हमले के बाद केंद्र सरकार अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से डिफेंस फोर्सेस को लैस करने की रणनीति बना रही। पीएम मोदी ने मंगलवार को हाईलेवल मीटिंग में सुरक्षा के सारे इंतजाम पुख्ता करने और इसके लिए जरूरी सारे उपकरणों की खरीद पर चर्चा की है।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल आदि मौजूद रहे।
मीटिंम में भविष्य में डिफेंस सेक्टर के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए आम्र्ड फोर्सेस को अत्याधुनिक हथियारों व उपकरणों से सुसज्जित करने पर फैसला हुआ।
ड्रोन से जम्मू एयरबेस पर हुआ था हमला
जम्मू एयरबेस के पास 26-27 जून की रात में पांच मिनट के अंतराल में दो ड्रोन हमला किया गया था। हमले के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई है। पहला ब्लास्ट रात 1.37 बजे और दूसरा 1.42 बजे हुआ। डिफेंस पीआरओ के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हादसे में एयरफोर्स के दो कर्मचारी मामूली घायल हुए थे। बताया जा रहा है कि ड्रोन का लक्ष्य एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर था। शुरुआती जांच में पता चला है कि इसके पीछे पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे आतंकी संगठन लश्कर का हाथ है। ड्रोन के जरिये विस्फोटक आरडीएक्स युक्त आईईडी आईएएफ बेस पर गिराए गए थे। धारा 370 हटने के बाद से बौखलाए आतंकी संगठन अब ड्रोन के जरिये आतंक फैलाने की साजिश रच रहे हैं। सोमवार देर रात जम्मू के रत्नुचक इलाके के कुंजवानी में फिर संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखी गई। सुरक्षाबल इलाके की सर्चिंग कर रहे हैं।
इस बीच गृह मंत्रालय ने ड्रोन मामलों की जांच नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी को सौंप दी है।
सुरक्षाबलों की कार्रवाइयों से बौखलाए आतंकी संगठन
सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाइयों से आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। माना जा रहा है कि आतंकी संगठन लश्कर और जैश अब ड्रोन के जरिये हमले करने की साजिश रच रहा है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर पिछले कुछ सालों में ड्रोन गतिविधियां बढ़ी हैं। इन ड्रोन का नियंत्रण पाकिस्तान से हो रहा है।
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