
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाए जाने के करीब दो साल बाद जम्मू-कश्मीर की 14 पार्टी के लीडरों के साथ मीटिंग की। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत गुपकार अलायंस के बड़े नेता भी थे। केन्द्र की तरफ से पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मौजूद थे। पीएम मोदी के साथ बैठक में ज्यादातर नेताओं ने आर्टिकल 370 पर बात की। इसके साथ ही सबी नेताओं ने मुख्य रूप से पांच बातें पीएम मोदी के सामने रखीं।
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आर्टिकल 370 पर बात
कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने बताया कि पीएम मोदी के साथ मीटिंग में लगभग 80 फीसदी पार्टियों ने धारा 370 पर बात की लेकिन मामला अदालत में विचाराधीन है। वहीं, उमर अब्दुला ने कहा- हमने पीएम से अनुरोध किया कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी लेकिन कुछ फैसलों को बदलना जरूरी है। क्योंकि ये फैसले जम्मू-कश्मीर के हित में बिल्कुल भी नहीं हैं। इसे यूटी का दर्जा दिया गया था जो लोगों को यह पसंद नहीं है। हम जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं।
पीएम ने नहीं दिया जवाब
उमर अब्दुला ने कहा- सभी नेताओं ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की। पीएम और गृहमंत्री दोनों ने कहा कि चुनाव और राज्य का दर्जा बहाल करने का काम जल्द शुरू होना चाहिए। लेकिन गुलाम नबी आजाद की मांग थी कि पहले राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए और फिर चुनाव होना चाहिए। इस पर पीएम मोदी ने कुछ नहीं कहा।
कौन सी 5 मांगे रखी गईं
गुलाम बनी आजाद ने बताया कि यह मीटिंग एक अच्छे माहौल में हुई है। मीटिंग में सभी पार्टियों ने पीएम मोदी के सामने पांच मांगे रखी हैं।
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