
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में रविवार को छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प पर पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ये हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। ये हमारे मूल्यों का हिस्सा नहीं रहा।
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, नागरिकता कानून के विरोध में हिंसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। बहस, चर्चा, मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कभी भी हमारे मूल्यों का हिस्सा नहीं रहा।
उन्होंंने कहा कि समय की यही मांग है कि हम सब देश के विकास और हर भारतीय को सशक्त करने के लिए साथ मिलकर काम करें। हम किसी स्वार्थी समूह को खुद को बांटने नहीं दे सकते।
जामिया इलाके में हिंसक प्रदर्शन के बाद हुई थी झड़प
रविवार को दिल्ली के जामिया इलाके में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे। थोड़ी देर में ये विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने 4 डीटीसी बसों को आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने जामिया यूनिवर्सिटी में घुसकर कार्रवाई की।
छात्रों का आरोप- लाइब्रेरी में घुसकर मारपीट की
छात्र और यूनिवर्सिटी प्रशासन का आरोप है कि पुलिस ने बिना अनुमति के परिसर में दाखिल होकर छात्रों के साथ मारपीट की। साथ ही लाइब्रेरी में घुसकर भी छात्र और छात्राओं के साथ मारपीट की गई।
पुलिस ने कहा- अराजक तत्व जमा थे
वहीं, पुलिस का कहना है कि पुलिसकर्मी पूरे इलाके में अराजक तत्वों को खोज रहे थे। इसी क्रम में वे यूनिवर्सिटी में दाखिल हुए थे। यहां पहले से जमा कुछ ग्रुपों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी हिंसक प्रदर्शन
जामिया यूनिवर्सिटी के बाद रविवार को अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में भी नागरिकता कानून का विरोध कर रहे छात्रों और पुलिस में हिंसक झड़प हुई। उत्तर प्रदेश डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि इस झड़प में 10 पुलिसकर्मी और 30 छात्र जख्मी हुए हैं। एएमयू के छात्र जामिया यूनिवर्सिटी में पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़प का विरोध कर रहे थे। इसके बाद यहां स्थिति बिगड़ गई।
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