
India Pakistan Tension: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह संधि भारत के साथ बड़ा अन्याय था और इसे गलत तरीके से तय किया गया था। इस संधि की वजह से भारत अपने ही पानी का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाया और जम्मू-कश्मीर के बांधों की क्षमता भी काफी कम हो गई।
आगे पीएम मोदी ने कहा, “मैं युवा पीढ़ी को बताना चाहता हूं कि देश के साथ पहले कैसे अन्याय हुआ। संधि के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की नदियों पर बने बांधों की सफाई नहीं की जा सकती थी। गाद निकालने के लिए जो निचले गेट होते हैं उन्हें खोलने की इजाजत नहीं थी। 60 साल तक ये गेट कभी नहीं खुले, जिससे बांध सिर्फ 2-3% पानी ही जमा कर पा रहे थे।” उन्होंने आगे कहा, “हमने तो सिर्फ संधि को कुछ समय के लिए रोका है और पाकिस्तान अभी से घबरा गया है। हमने सिर्फ गाद निकालने के लिए छोटे-छोटे गेट खोले और वहां बाढ़ जैसे हालात हो गए।”
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बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के अगले ही दिन भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए थे जिनमें एक बड़ा कदम सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी था। यह संधि 1960 में वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता से हुई थी, जो भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल बंटवारे को लेकर बनी थी।
लेकिन पाकिस्तान के इस हरकत के बाद वर्ल्ड बैंक ने भी उसका साथ छोड़ दिया है । यहां तक कि वर्ल्ड बैंक ने भी साफ कर दिया है कि वह इस विवाद में हस्तक्षेप नहीं करेगा। भारत ने साफ कर दिया है कि भले ही सीमा पर संघर्षविराम हो गया हो लेकिन सिंधु जल संधि अभी भी निलंबित रहेगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह और भरोसेमंद तरीके से नहीं रोकता, तब तक यह संधि निलंबित ही रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर पर भारत सिर्फ एक ही मुद्दे पर बात करेगा और वो है पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को खाली कराने पर।
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