
नई दिल्ली। तिब्बती आध्यात्मिक नेता और बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा का गुरुवार को 88वां जन्मदिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन्मदिन के अवसर पर दलाई लामा को फोन किया। पीएम ने दलाई लामा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनकी लंबी व स्वस्थ जीवन की कामना की।
हिमाचल प्रदेश में निर्वासित जीवन जी रहे हैं दलाई लामा
दलाई लामा हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित जीवन जी रहे हैं। चीन ने बल पूर्वक तिब्बत पर कब्जा कर लिया था। इस दौरान उन्हें अपने समर्थकों के साथ भारत भागना पड़ा था। इसके बाद से वह भारत के होकर रह गए हैं। हालांकि उन्हें इस बात का इंतजार है कि एक दिन भारत में रह रहे तिब्बत के लोग अपने देश लौट पाएंगे। दलाई लामा 31 मार्च 1959 को भारत आए थे। दलाई लामा तिब्बत में रहने के दौरान वहां की सरकार के प्रमुख थे। तिब्बत पर चीन ने कब्जा कर लिया है। दलाई लामा धर्मशाला में रहकर तिब्बत की निर्वासित सरकार चलाते है। इसके लिए चुनाव भी होता है। दुनियाभर के तिब्बती शरणार्थी चुनाव में वोट डालते हैं।
14वें दलाई लामा हैं तेनजिन ग्यात्सो
बौद्ध धर्म के सर्वोच्च गुरु को दलाई लामा कहा जाता है। वर्तमान दलाई लामा का मूल नाम तेनजिन ग्यात्सो है। 2 साल की उम्र में उन्हें अगला दलाई लामा घोषित किया गया था। वह 14वें दलाई लामा हैं। नए दलाई लामा की खोज संकेतों के आधार पर शुरू होती है। इस प्रक्रिया में कई साल लगते हैं। तेनसिन ग्यात्सो को खोजने में चार साल लगे थे। नए दलाई लामा का चुनाव लंबी प्रक्रिया के तहत होता है। इस दौरान उस लड़के के पास पूर्व दलाई लामा से संबंधित गुप्त चीजों को रखा जाता है और लड़के को असली सामान चुनना होता है।
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