
नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका में रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक पर सवाल उठाने को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, दिल्ली में ऐसी सरकार नहीं चाहिए तो आतंकी हमले के वक्त देश के पक्ष को कमजोर करे।
उन्होंने कहा, दिल्ली में ऐसा नेतृत्व नहीं चाहिए जिन्होंने एयरस्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त सवाल उठाए। दिल्ली के लोगों को इनके खिलाफ गुस्सा दिखाना चाहिए। इन लोगों को 8 फरवरी को सजा दें।
पीएम मोदी के बयान की बड़ी बातें
- पीएम मोदी ने कहा, दिल्ली को ऐसी सरकार भी चाहिए जो समय आने पर देश के पक्ष को मजबूत करे, हमारे वीर सैनिकों के साथ खड़ी हो।
- 'दिल्ली को ऐसी राजनीति नहीं चाहिए, जो आतंकी हमलों के समय में भारत के पक्ष को कमजोर करे और जो अपने बयानों से दुश्मन को भारत पर वार करने का मौका दे।'
- 'ये लोग बाटला हाउस के आतंकियों के लिए रो सकते हैं, उनका साथ देने के लिए सुरक्षाबलों को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं लेकिन दिल्ली का विकास नहीं कर सकते।'
- उन्होंने पूछा, अपनी राजनीति के लिए, तुष्टिकरण के लिए, लोगों को भड़काने वाले लोग क्या दिल्ली का भला कर सकेंगे।
- 'नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद देश और दिल्ली के लोग पहले दिन से देख रहे हैं कि कैसे इन लोगों द्वारा अफवाहें फैलाई जा रही हैं। दिल्ली की जनता सब कुछ देख रही है, सब कुछ समझ रही है।'
'एक तरफ फैसला लेने वाला पक्ष, दूसरी ओर सवाल उठाने वाला'
मोदी ने कहा, यह दशक का पहला चुनाव है और यह दशक भारत के नाम होने वाला है। उन्होंने कहा, एक तरफ फैसले लेने वाला पक्ष है, तो दूसरी ओर इन फैसलों का विरोध करने वाला विपक्ष है।
पीएम मोदी ने कहा, दिल्ली को उलझाने वाली नहीं, बल्कि सुलझाने वाली सरकार चाहिए। दिल्ली को विकास की योजनाएं रोकने वाला नहीं, सबका साथ-सबका विकास पर विश्वास करने वाला नेतृत्व चाहिए। केंद्र सरकार की कितनी योजनाओं को यहां लागू करने से पहले मना कर दिया गया। 4 फरवरी के बाद आपको सेम सेम नहीं बोलना पड़ेगा।
'दिल्ली के गरीबों का क्या गुनाह'
मोदी ने कहा, दिल्ली के गरीबों का क्या गुनाह है, जो उन्हें पांच लाख रुपए तक के इलाज देने वाली योजना का लाभ नहीं मिल रहा। इस योजना में अगर दिल्ली का कोई नागरिक जो लाभार्थी है, वह किसी काम से ग्वालियर, भोपाल, नागपुर, चेन्नई गया और अचानक वहां बीमार हो गया तो मोहल्ला क्लिनिक वहां नहीं जाएगा, लेकिन आयुष्मान योजना यहां लागू होती तो कोई भी बीमारी पर यह योजना काम आती।
'दिल्ली में बेदर्द सरकार है'
उन्होंने कहा, हम नहीं चाहते कोई बीमार हो, लेकिन अगर एक भी जिंदगी बच जाती तो हमें संतोष हो जाता। लेकिन यहां एक बेदर्द सरकार है, जिसे गरीबों की फिकर नहीं है। यहां आवास योजना के तहत गरीबों को घर नहीं मिल रहा।
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