
हैदराबाद। दक्षिण भारत के तीन राज्यों की दो दिन की यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तेलंगाना पहुंचे। उन्होंने राज्य के लोगों को 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी। इसके बाद हैदराबाद के सिकंदराबाद परेड मैदान में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर और कांग्रेस पर नाम लिए बिना जमकर निशाना साधा।
नरेंद्र मोदी ने कहा, "केंद्र सरकार तेलंगाना के विकास के लिए बहुत कोशिश कर रही है। इस बीच मुझे एक बात के लिए बहुत पीड़ा है। केंद्र के ज्यादातर प्रोजेक्ट्स में राज्य सरकार से सहयोग न मिलने के कारण देर हो ही है। इससे नुकसान तेलंगाना के लोगों का हो रहा है। मेरा राज्य सरकार से आग्रह है कि विकास से जुड़े कार्यों में कोई बाधा नहीं आने दें। विकास के कार्यों में तेजी लाएं।"
विकास से बौखलाएं हुए हैं मुट्ठीभर लोग
उन्होंने कहा, "आज के नए भारत में देश के लोगों के सपने पूरे करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हम दिन रात इसी कोशिश में जुटे हैं, लेकिन कुछ मुट्ठी भर लोग विकास के इन कार्यों के बहुत बौखलाएं हुए हैं। ऐसे लोग जो परिवारवाद, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को पोषित करते रहे उन्हें ईमानदारी से काम करने वालों से परेशानी हो रही है। ऐसे लोगों को देश के हित से, समाज के भले से, कोई लेना-देना नहीं है। ये लोग सिर्फ और सिर्फ अपने कुनबे को फलता-फुलता देखना पसंद करते हैं। हर प्रोजेक्ट में ये लोग अपने परिवार का स्वार्थ देखते हैं। तेलंगाना को ऐसे लोगों से बहुत सतर्क रहना जरूरी है।"
एक दूसरे से अलग नहीं है भ्रष्टाचार और परिवारवाद
पीएम मोदी ने कहा, "भ्रष्टाचार और परिवारवाद एक दूसरे से अलग नहीं है। जहां परिवार और भाई-भतीजावाद होता है वहीं से हर प्रकार का करप्शन फलना-फूलना शुरू हो जाता है। परिवारवाद का मंत्र ही सब चीजों को कंट्रोल करना होता है। उन्हें यह पसंद नहीं आता कि कोई उनके कंट्रोल को चैलेंज करे।
व्यवस्था पर से कंट्रोल नहीं छोड़ना चाहती थीं परिवारवादी ताकतें
प्रधानमंत्री ने कहा, "आज केंद्र सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर व्यवस्था शुरू की है। किसानों, छात्रों और कारोबारियों को आर्थिक मदद का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाता है। हमने देशभर में डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था बनाई है। यह पहले क्यों नहीं हुआ? इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि परिवारवादी ताकतें व्यवस्था पर अपना कंट्रोल छोड़ना नहीं चाहती थीं। किस लाभार्थी को कितना लाभ मिले, इसका नियंत्रण ये परिवारवादी अपने पास रखना चाहते थे। इससे इनके तीन मतलब पूरे होते थे। पहला, इनके ही परिवार की जयजयकार होती रहे। दूसरा, करप्शन का पैसा इनके परिवार के पास आता रहे और तीसरा जो पैसा गरीब के लिए भेजा जाता है वह इनके सिस्टम में आ जाए। आज मोदी ने भ्रष्टाचार की जड़ पर प्रहार कर दिया है।"
भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई से तिलमिलाए हुए हैं ये लोग
नरेंद्र मोदी ने लोगों के पूछा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना चाहिए या नहीं? कितना भी बड़ा भ्रष्टाचारी हो, कानून को अपना काम करना चाहिए या नहीं? इसके बाद उन्होंने कहा, "आज भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। इसलिए ये लोग तिलमिलाए हुए हैं। बौखलाहट में कुछ भी किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले तो ऐसे कई राजनीतिक दल कोर्ट चले गए कि हमें सुरक्षा दो कि हमारे भ्रष्टाचार की किताबें कोई खोले नहीं। कोर्ट ने वहां भी उन्हें झटका दे दिया और वापस भेज दिया।"
यह भी पढ़ें- तेलंगाना पहुंचे PM, सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी, बच्चों से की बात
पीएम ने कहा कि जब सबका साथ सबका विकास की भावना से काम होता है तो सच्चे अर्थ में लोकतंत्र मजबूत होता है। जब 2014 में केंद्र सरकार परिवार तंत्र की बेड़ियों से मुक्त हुई तो क्या परिणाम आया यह पूरा देश देख रहा है। आज देश तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण के रास्ते पर चल रहा है।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.