
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को अपने मासिक रेडियो प्रोग्राम मन की बात (Mann Ki Baat) का 103वां एपिसोड किया। उन्होंने देशवासियों के साथ अपने विचार शेयर किए। उन्होंने लोगों से पेड़ लगाने की अपील की।
मन की बात की शुरुआत में नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी बारिश का मौसम है। भारी बारिश के चलते कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। दिल्ली में भी बाढ़ आया। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड जैसे कई राज्यों में भूस्खलन हुआ। इससे पहले चक्रवाती तूफान आया था। प्राकृतिक आपदाओं के बीच देश के लोगों ने अपनी सामूहिक ताकत दिखाई।
जल संरक्षण के लिए जरूरी है वृक्षारोपण
नरेंद्र मोदी ने कहा,"बारिश का यही समय वृक्षारोपण और जल संरक्षण के लिए भी उतना ही जरूरी होता है। आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान बने 60 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों में भी रौनक बढ़ गई है। अभी 50 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों को बनाने का काम चल भी रहा है। हमारे देशवासी पूरी जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ जल संरक्षण के लिए नए-नए प्रयास कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के पकरिया गांव में करीब 100 कुओं को वाटर रिचार्ज सिस्टम में बदल दिया गया है। कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में एक दिन में 30 करोड़ पेड़ लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया है।"
उन्होंने कहा, "सावन में शिव अराधना के लिए भक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। इन दिनों 12 ज्योतिर्लिंगों में भी खूब श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मुझे दो अमेरिकन दोस्तों के बारे में पता चला है जो कैलिफोर्निया से यहां अमरनाथ यात्रा करने आए थे। इन्होंने अमरनाथ यात्रा से जुड़े स्वामी विवेकानंद के अनुभवों के बारे में कहीं सुना था। इससे उन्हें इतनी प्रेरणा मिली कि खुद भी अमरनाथ यात्रा करने आ गए। भारत की खासियत है कि सबको अपनाता है, सबको कुछ न कुछ देता है। फ्रांस की एक महिला हैं शारलोट शोपा। मैं फ्रांस गया था तो उनसे मुलाकात हुई थी। उनकी उम्र 100 साल से भी ज्यादा है। वह योगा टीचर हैं।"
उज्जैन में बनाई जा रहीं पुराणों पर आधारित चित्रकथाएं
नरेंद्र मोदी ने कहा, "उज्जैन में देशभर के 18 चित्रकार पुराणों पर आधारित आकर्षक चित्रकथाएं बना रहे हैं। ये चित्र बूंदी साली, नाथद्वार शैली, पहाड़ शैली और अपभ्रंश शैली जैसी कई खास शैलियों में बनेंगे। इन्हें उज्जैन के त्रिवेणी संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा। कुछ समय बाद जब आप उज्जैन जाएंगे तो महाकाल के साथ-साथ एक और दिव्य स्थान के दर्शन कर पाएंगे।"
पीएम ने कहा, "चार हजार से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं ने बिना किसी पुरुष सहयोगी या मेहरम के हज यात्रा की। यह एक बड़ा बदलाव है। पहले मुस्लिम महिलाओं को बिना मेहरम हज करने की इजाजत नहीं थी। मैं मन की बात के माध्यम से सऊदी अरब सरकार का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। बिना मेहरम हज पर जा रही महिलाओं के लिए खासतौर पर महिला कोऑर्डिनेटर्स नियुक्त की गई थी।"
कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन के पूरे नेटवर्क पर किया गया। मन की बात कार्यक्रम को आकाशवाणी, डीडी न्यूज और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर भी लाइव-स्ट्रीम किया गया। हिंदी प्रसारण के तुरंत बाद आकाशवाणी क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यक्रम प्रसारित किया गया।
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