
नई दिल्ली. भारत और चीनी सैनिकों में झड़प पर सर्वदलीय बैठक के बाद पीएम मोदी के बयान पर पीएमओ ने सफाई जारी की है। पीएमओ ने कहा कि मोदी के बयान को गलत तरीके से पेश कर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने कहा था कि लद्दाख में हमारी सीमा में ना तो कोई घुसा है और ना ही हमारी पोस्ट किसी के कब्जे में है।
- पीएमओ ने साफ किया कि पीएम मोदी ने 15 जून की झड़प के रेफरेंस में बयान दिया था। उनका मतलब ये था कि हमारे जवानों की बहादुरी की वजह से उन दिन हमारी सीमा में चीन का कोई सैनिक नहीं घुस पाया था। हमारे जवानों ने शहीद होकर चीनी सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया।
'भारतीय क्षेत्र कितना है यह भारत के नक्शे से स्पष्ट है'
पीएमओ ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर अनावश्यक विवाद पैदा किया जा रहा है। जब वीर सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। भारतीय क्षेत्र कितना है यह भारत के नक्शे से स्पष्ट है, जिसके प्रति यह सरकार दृढ़ता से संकल्पबद्ध है।
- "कुछ अवैध कब्जे के बारे में सर्वदलीय बैठक में बड़े विस्तार से बताया गया कि पिछले 60 सालों में 43 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक जमीन पर किन परिस्थितियों में चीन द्वारा कब्जा किया गया है, जिससे यह देश अच्छी तरह से वाकिफ है। यह भी स्पष्ट किया गया कि यह सरकार एलएसी के एकतरफा परिवर्तन की अनुमति नहीं देगी।
- कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने पूछा, अगर प्रधानमंत्री की यह बात सच है कि भारतीय सीमा में चीन का कोई सैनिक नहीं था तो झड़प क्यों हुई? 20 जवान शहीद क्यों हो गए? दोनों देशों में बातचीत किसलिए हो रही थी? उधर राहुल गांधी ने भी ऐसे ही सवाल किए। उन्होंने तो यहां तक कहा कि पीएम ने चीन के अटैक के सामने सरेंडर कर दिया।
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