वैक्सीन पर कंट्रोवर्सी: SC ने मांगा फुल प्लान, प्रियंका ने पूछा-12 करोड़ डोज आ गए क्या, नवाब ने भी कसा तंज

Published : Jun 03, 2021, 11:22 AM ISTUpdated : Jun 03, 2021, 11:28 AM IST
वैक्सीन पर कंट्रोवर्सी: SC ने मांगा फुल प्लान, प्रियंका ने पूछा-12 करोड़ डोज आ गए क्या, नवाब ने भी कसा तंज

सार

कोरोना संक्रमण से जूझते भारत में वैक्सीनेशन अभियान को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर बना हुआ है। केंद्र सरकार की वैक्सीन पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी सख्त है। सुप्रीम कोर्ट ने 2 हफ्ते के अंदर इस बाबत हलफनामा पेश करने को कहा है। इस बीच सरकार वैक्सीन के उत्पादन को लेकर कोशिशों में जुटी है। जानिए वैक्सीन को लेकर कंट्रोवर्सी...

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच वैक्सीनेशन अभियान को गति देने केंद्र सरकार लगातार कोशिशें कर रही है। लेकिन इसमें अभी दिक्कतें सामने आ रही हैं। वैक्सीन की कमी और ठीक से प्रबंधन नहीं होने को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर बना हुआ है। केंद्र सरकार की वैक्सीन पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी सख्त है। इस बीच सरकार वैक्सीन के उत्पादन को लेकर कोशिशों में जुटी है। 

केंद्र ने मांगी पूरी डिटेल
बुधवार को वैक्सीन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से वैक्सीन की खरीदी की पूरी डिटेल मांगी है। साथ ही यह भी कहा है कि केंद्र यह भी बताए कि उसने कितनी आबादी को वैक्सीनेट किया। सुप्रीम कोर्ट ने 2 हफ्ते के अंदर इस बाबत हलफनामा पेश करने को कहा है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एलएन राव और जस्टिस एस. रवींद्र भट्ट की स्पेशल बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा है कितीनों वैक्सीनों (कोविशील्ड, कोवैक्सीन, स्पूतनिक-V) की खरीदी के लिए कब-कब ऑर्डर किए गए, ये कब मिलेंगी...आदि के बारे में बताए।

प्रियंका गांधी ने पूछा-क्या जून में 12 करोड़ वैक्सीन आएंगी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए पूछा है कि क्या जून में 12 करोड़ वैक्सीन मिल जाएंगी? क्या दोनों कंपनियों कोविशील्ड और कोवैक्सीन की उत्पादकता में 40% का ईजाफा हो गया है? वैक्सीन के बजट के 35000 करोड़ रुपए कहां खर्च कर दिए? प्रियंका गांधी ने तंज कसा-अंधेर वैक्सीन नीति, चौपट राजा।

राज्यों को जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है?
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा-टीकाकरण को लेकर केंद्र की नीति स्पष्ट नहीं है। हर दिन नया फैसला होता है। पहले फाइजर को कहा गया कि लीगल जिम्मेदारी उनकी होगी। अब सुना जा रहा है कि उन्हें अनुमति दी जा रही है। 35,000 करोड़ का बजट था तो आपने खरीदा क्यों नहीं? राज्यों को जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है?

केंद्र का दावा- राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को टीके की 23 करोड़ से अधिक डोज दिए
इस बीच राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। टीकों की सीधी खरीद की सुविधा भी प्रदान कर रही है। केंद्र सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीके की 23 करोड़ से अधिक खुराक (23,35,86,960) मुफ्त श्रेणी और राज्यों द्वारा सीधी खरीद की श्रेणी के माध्यम से प्रदान की है। इसमें से कुल खपत (अपव्यय सहित) 21,71,44,022 खुराक (आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार) है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी टीके की 1.64 करोड़ से ज्यादा (1,64,42,938) खुराक उपलब्ध हैं जिन्हें दिया जाना बाकी है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शादीशुदा महिला ‘शादी के झूठे वादे’ पर रेप केस क्यों नहीं कर सकती?
Pariksha Pe Charcha: PM मोदी छात्रों को देंगे तनाव मुक्त परीक्षा के टिप्स, जानें कब और कैसे जुड़ें?