
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सोमवार को अपना जवाब दाखिल किया। इसमें उन्होंने बिना शर्त माफी मांगने से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट मौजूदा चीफ जस्टिस और 4 पूर्व चीफ जस्टिस के बारे में विवादित ट्वीट के लिए प्रशांस भूषण को दोषी करार दे चुका है। कोर्ट ने भूषण को बिना शर्त माफी मांगने के लिए आज तक का समय दिया था।
प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए अपने जवाब में कहा, मेरे ट्वीट्स सद्भावनापूर्वक विश्वास के तहत थे, इस पर मैं आगे भी कायम रहना चाहता हूं। अभिव्यक्ति के लिए इन मान्यताओं पर शर्त या बिना किसी शर्त के माफी मांगना निष्ठाहीन होगा।
अदालत में निपट गए मामलों पर दिया बयान
भूषण ने अपने जवाब में कहा, मैंने पूरे सत्य और विवरण के साथ साथ सद्भावनापूर्ण था। अगर मैं इस अदालत से माफी मांगता हूं तो मेरी अंतरात्मा और उस संस्थान की अवमानना होगी, जिसमें मैं सर्वोच्च विश्वास रखता हूं।
क्या है मामला?
प्रशांत किशोर ने जून में दो ट्वीट किए थे। इनमें उन्होंने चीफ जस्टिस और चार पूर्व चीफ जस्टिस पर सवाल उठाए थे। इस मामले में कोर्ट ने खुद ही संज्ञान लिया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने प्रशांत भूषण को अवमानना का दोषी माना था। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें बिना शर्त माफी मांगने के लिए आज तक का वक्त दिया था।
इन दोनों ट्वीट पर सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया।
- प्रशांत भूषण ने 27 जून को पहला ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि जब इतिहासकार भारत में बीते 6 सालों के इतिहास को देखते हैं तो पाते हैं कि कैसे बिना इमरजेंसी के देश में लोकतंत्र को खत्म किया गया। ये इतिहासकार सुप्रीम कोर्ट खासकर 4 पूर्व चीफ जस्टिस की भूमिका पर सवाल उठाएंगे।
- प्रशांत ने अपने दूसरे ट्वीट में चीफ जस्टिस बोबडे की हार्ले डेविडसन बाइक के साथ फोटो शेयर की थी। इसमें उन्होंने बोबडे की आलोचना करते हुए लिखा था कि उन्होंने कोरोना काल में अदालतों को बंद करने का आदेश दिया था।
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