
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प ने बिहार की 15 साल की बेटी ज्योति के हिम्मत की तारीफ की है। इवांका ने कहा है कि ज्योति ने जो किया, वह सहनशीलता और अपनों के लिए प्यार का एक खूबसूरत उदाहरण है। इससे भारत के लोगों की भावनाएं पता चलती हैं। गौरतलब है कि ज्योति ने अपने जख्मी पिता को साइकिल पर बिठाकर 1200 किलोमीटर की दूरी तय की थी। वो 7 दिन साइकिल चलाकर अपने घर पहुंची थी।
साइक्लिंग के ट्रायल का मिला न्यौता
ज्योति के हिम्मत और हौसले को देख साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ट्रायल के लिए बुलाया है। ट्रायल सफल रहती है तो ज्योति को दिल्ली में नेशनल साइक्लिंग एकेडमी में फेडरेशन के खर्च पर ट्रेनिंग दी जाएगी। ज्योति का कहना है कि इस ऑफर से बहुत खुश हूं, अगले महीने ट्रायल देने जाऊंगी।
लॉकडाउन से पहले पिता के पास गई थी ज्योति
ज्योति के पिता मोहन पासवान गुड़गांव में रिक्शा चलाते थे। ज्योति मार्च में पिता के पास गई थी। इसके बाद देशभर में लॉकडाउन लागू कर दिया गया। जिसके बाद पिता और पुत्री दोनों ही गुड़गांव में फंस गए थे। इसी बीच उसके पिता एक्सीडेंट में घायल हो गए।
दाने-दाने के लिए मोहताज हो गए थे बाप-बेटी
मोहन का काम-धंधा बंद हो गया, पैसे थे नहीं, ऊपर से मकान मालिक घर से निकालने की धमकी देने लगा। बाप-बेटी खाने तक के लिए मोहताज हो गए थे। इसलिए, ज्योति ने पिता को साथ लेकर अपने घर जाने की ठान ली। ज्योति का घर बिहार राज्य के दरभंगा जिले के सिरहुल्ली गांव में है।
पिता ने दिया भारी वजन का बहाना, लेकिन नहीं मानी बेटी
लॉकडाउन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद है, इसलिए ज्योति ने पैसे उधार लेकर साइकिल खरीदी और घर लौटने को तैयार हो गई। जख्म होने की वजह से मोहन खुद साइकिल नहीं चला सकते थे, इसलिए उन्होंने बेटी को ये कहकर रोकना चाहा कि मेरा वजन खींचना आसान नहीं होगा। लेकिन, ज्योति ठान चुकी थी और उसने कर दिखाया।
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