
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह सिख धर्म के नौंवे गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व के मौके पर दिल्ली स्थित शीश गंज गुरुद्वारा पहुंचे। यहां उन्होंने देश की बेहतरी के लिए मत्था टेका और प्रार्थना की। प्रधानमंत्री यहां बिना किसी सुरक्षा रूट और स्पेशल सुरक्षा व्यवस्था के गए थे।
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बता दें कि चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक शीश गंज साहिब गुरुद्वारे में गुरु तेग बहादुर की स्मृतियों से जुड़ा एक स्मारक बनाया गया है। इस विशाल स्मारक में गुरु के त्याग और बलिदान से संबंधित जानकारियों और चीजों को संग्रहित किया गया है। यह 40 फीट ऊंचा और 25 फीट चौड़ा है। गुरु तेग बहादुर ने आखिरी सांस तक मुगल बादशाह औरंगजेब की क्रूरता का सामना किया था। औरंगेज के कहने पर एक जल्लाद ने गुरु तेग बहादुर के साथ उनके शिष्यों का शीश अलग कर दिया था, लेकिन इन्होंने अपना धर्म नहीं छोड़ा था। तब गुरु तेग बहादुर ने कहा था कि वे शीश कटा सकते हैं, लेकिन केश नहीं। यह गुरुद्वारा दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
केंद्र सरकार ने गुरु तेग बहादुर का 400वां प्रकाश पर्व मनाने पीएम की अध्यक्षता में 70 सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसी के मार्गदर्शन में पूरे देश में प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। चूंकि इस बार कोरोना संकट का दौर है, इसलिए ज्यादातर पर्व कोरेाना गाइड लाइन का पालन करते हुए मनाए जा रहे हैं।
गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद मोदी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का सर्वोच्च बलिदान लेागों को शक्ति और प्रेरणा देता है।
प्रधानमंत्री कुछ देर गुरुद्वारे में रहे और लोगों से बातचीत की।
मोदी जब गुरुद्वारे से निकले, तो ट्रैफिक नहीं रोका गया था। उनके काफिले साथ दूसरे वाहन भी चलते रहे।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट कर लिखा, गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाशोत्सव के विशेष अवसर पर मैं उन्हें नमन करता हूं। उनका सर्वोच्च बलिदान कई लोगों को शक्ति और प्रेरणा देता है।
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