
नई दिल्ली. देश के सभी प्राइवेट सेटेलाइट टीवी चैनल ब्रॉडकास्टर को 1 मार्च से 30 मिनट का पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्ट करना अनिवार्य होगा। ये जानकारी खुद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जारी की है। उन्होंने सभी टेलीकास्ट चैनल्स को राष्ट्रहित में इस तरह के एडवाइजरी जारी की है।
इसके अलावा सभी से कहा गया है कि चैनल नॉन पीक ऑवर्स के दौरान सामग्री प्रसारित नहीं कर सकते हैं। सरकारी निर्देश में जरूरी है कि पब्लिक हित चलाई जाने वाली सामाग्री का प्रसारण रात से सुबह 6 बजे के बीच नहीं किया जाएगा।
पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टिंग की थीम क्या रहेगी?
इसके तहत शिक्षण से जुड़ी सामाग्री ब्रॉडकास्ट की जाएगी। साथ एग्रीकल्चर और गांव देहात के विकास से जुड़ी सामाग्री प्रसारित की जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी चीजें दी जाएंगी। साइंस और टेक्नोलॉजी से जुड़ी सामाग्री टीवी पर दिखाई जाएगी। इसके अलावा महिलाओं के हिस से जुड़े, समाज के कमजोर और शोषित वर्गस, इसके अलावा पर्यावरण और सांस्कृतिक स्थलों से जुड़ी और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दे टीवी पर दिखाए जाएंगे। इसके अलावा जरुरत के तहत वॉटर कन्सर्वेशन, डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी चीजें इस दौरान दिखाई जाएंगी।
मंत्रालय ने और क्या कहा?
सरकार की मानें तो इस तरह के पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टिंग प्रोग्राम में को हर महीने 15 घंटे प्रसारित करना होगा। जरूरी नहीं कि यह प्रोग्राम 30 मिनट के हों, हर महीने 15 घंटे दिखाने के लिए छोटे-छोटे टाइम स्लॉट भी रख सकते हैं। इस दौरान किसी भी तरह का कमर्शियल ब्रेक नहीं प्रसारित किया जाएगा। इसके अलावा ब्रॉडकास्टर्स हर महीने की अपनी रिपोर्ट ब्रॉडकास्ट सेवा पोर्टल में जमा कर सकते है। यह हर महीने की 7 तारीख से पहले जमा करना होगा।
किन चैनलों को बाहर रखा?
यह फैसला विदेशी चैनलों पर लागू नहीं होता है। उन्हें जनहित से जुड़े प्रोग्राम दिखाने पर छूट है। इसके अलावा जो खेल, भक्ति और योगा का कंटेंट दिखाने वाले चैनल हैं, उन्हें इस तरह की रिपोर्ट ब्रॉडकास्ट सेवा पोर्टल पर जमा नहीं करनी होगी।
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