
नई दिल्ली(New Delhi). तिहाड़ जेल में बंद भीम सेना के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद सहित दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कई लोगों ने जेल अधिकारियों के खिलाफ यहां रविवार को भूख हड़ताल की। इनका आरोप है कि जेल प्रशासन ने उन्हें महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाने की इजाजत नहीं दी। दलित समूह ने चेतावनी दी है कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर घेराव करेंगे।
भीम सेना के प्रवक्ता कुश आंबेडकरवादी ने कहा कि तिहाड़ जेल में बंद दर्जनों कैदियों ने शनिवार को जेल प्रशासन से मांग की थी कि उन्हें महर्षि वाल्मीकि का एक चित्र मुहैया कराया जाए, ताकि वह उनकी जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि दे सकें। उन्होंने कहा, "जेल प्रशासन ने हमें चित्र नहीं दिया। चंद्रशेखर आजाद के साथ जेल में बंद सैकड़ों लोगों ने भूख हड़ताल की।"
कुश ने दावा किया, "यह संविधान में दिए गए हमारे मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। सबसे ज्यादा निराशाजनक यह है कि दलितों के मुद्दों पर बोलने वाले दिल्ली के जेल मंत्री सत्येंद्र जैन और सामाजिक कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इस पर चुप हैं।"
ट्विटर पर दी चेतावनी
चंद्रशेखर आजाद के ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट में लिखा है, "अगर तिहाड़ जेल में वाल्मीकि जयंती मनाने का प्रबंध करने में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विफल होते हैं, तो उनके घर के बाहर भीम सेना घेराव करेगी।"
[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]
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