
नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर के चुनाव के एक दिन पहले कांग्रेस ने लोकसभा में अपना नेता चुन लिया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राहुल गांधी को लोकसभा में कांग्रेस का नेता चुना है। राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष होंगे। कांग्रेस संसदीय दल की मीटिंग और कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर प्रस्ताव लाया गया था लेकिन राहुल गांधी ने इस पर विचार करने के लिए कुछ समय मांगा था। हालांकि, पार्टी लगातार उनको नेता प्रतिपक्ष का पद स्वीकार करने का दबाव बना रही थी। राहुल गांधी, 18वीं लोकसभा में रायबरेली से सांसद हैं। वायनाड सीट से उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।
राहुल गांधी, कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि, पूर्व के चुनावों में मिली हार के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उनको बार-बार अध्यक्ष बनाने की कोशिशें होती रहीं लेकिन वह इनकार करते रहे। राहुल गांधी के अध्यक्ष न बनने के बाद कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर प्रत्याशी थे। खड़गे ने एकतरफा जीत हासिल की थी।
राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट
18वीं लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी केरल के वायनाड और यूपी की रायबरेली सीट से सांसद चुने गए हैं। नियमानुसार, दो या उससे अधिक सीटों पर चुनाव जीतने वाला व्यक्ति केवल एक ही सीट पर सांसद रह सकता है, अन्य जीती हुई सीटों से उसे इस्तीफा देना पड़ेगा। यह इस्तीफा, चुनाव परिणाम घोषित होने के 14 दिनों के भीतर देना होगा। चूंकि, राहुल गांधी भी दो संसदीय क्षेत्रों से निर्वाचित हुए थे इसलिए एक सीट से इस्तीफा देने की समयसीमा के भीतर वायनाड सीट छोड़ने का ऐलान किया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी के रायबरेली से एमपी बने रहने और वायनाड संसदीय सीट छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने पास रायबरेली सीट रखेंगे।
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