
नई दिल्ली. जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के निधन की खबर आई, उस वक्त राहुल गांधी असम में थे। वह पार्टी के दिग्गज नेता और असम के पूर्व सीएम तरुण गोगोई को श्रद्धांजलि दे रहे थे। राहुल गांधी ने बुधवार को गुवाहाटी में श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में तरुण गोगोई के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
23 नवंबर को तरुण गोगोई का निधन हुआ
असम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे तरुण गोगोई ने बीमारी से लंबे समय तक लड़ाई के बाद 23 नवंबर की शाम गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में अंतिम सांस ली। प्रार्थना सभा में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बुधवार सुबह एक और स्तंम्भ खो दिया।
"आज कांग्रेस के लिए बहुत ही दुखद दिन है"
उन्होंने कहा, हमने आज सुबह एक और नेता खो गए हैं। अहमद जी कांग्रेस पार्टी के एक स्तंम्भ थे। इसलिए कांग्रेस पार्टी के लिए यह दुखद दिन है।
"वह मेरे गुरु थे, असम के बारे में बहुत कुछ सिखाया"
राहुल ने कहा कि तरुण गोगोई एक शिक्षक थे। उनके लिए एक गुरु थे। उन्होंने असम के पूर्व मुख्यमंत्री से बहुत कुछ सीखा। उन्होंने राज्य में शांति लाकर हमें प्रेरित किया। यह असम के लिए एक महान सेवा है और यह भारत के लिए एक जबरदस्त सेवा है। मैंने गोगोई जी के साथ कई घंटे बिताए। वह मेरे शिक्षक थे, गुरु थे और उन्होंने मुझे समझाया कि असम क्या है, असम के लोग क्या हैं, राज्य की जटिलता, राज्य की सुंदरता क्या है।
"उनका बेटा गौरव है, लेकिन मुझे भी बेटे की तरह माना"
राहुल गांधी ने कहा, तरुण गोगोई के बेटे का नाम गौरव है, लेकिन उन्होंने (तरुण गोगोई) मुझे भी एक बेटे की तरह ही माना है। बेटे की तरह व्यवहार किया है। यह मेरे लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। तरुण गोगोई ने हमेशा असम के बारे में बात की थी। जब मैंने उनके साथ बात करता था तो मुझे ऐसा लगता था जैसे मैं असम के साथ बात कर रहा हूं।
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