
नई दिल्ली. राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह कांग्रेस छोड़ भी सकते हैं। ऐसे में सूत्रों के हवाले से खबर है कि सचिन पायलट को मनाने के लिए उनके दोस्त मिलिंद देवड़ा से कहा गया, लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया। बता दें कि सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मिलिंद देवड़ा खुद भी कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं। मिलिंद देवड़ा, सचिन पायलट, जितिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया ये चारों युवा नेता सालों से राहुल गांधी के नजदीकी रहे हैं, लेकिन सिंधिया के बाद बाकी भी राहुल और कांग्रेस से नाराजगी जताने लगे हैं।
सचिन पायलट को मनाने में लगे हैं जितिन प्रसाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन पायलट को मनाने में जितिन प्रसाद लगातार बातचीत कर रहे हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया छोड़ चुके हैं कांग्रेस
राहुल गांधी के बेहद करीब माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मार्च में कांग्रेस छोड़ दी। उन्होंने पार्टी को लेकर नाराजगी जाहिर की। सिंधिया के जाने के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गई। बाद में भाजपा ने सरकार बना ली।
सचिन पायलट ने भी जाहिर की नाराजगी
अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तल्खी पहली बार सामने नहीं आई है। लेकिन सीएम और डिप्टी सीएम की इस जोड़ी को बनाए रखने में कांग्रेस फेल साबित होती दिख रही है। सचिन ने बगावती सुर अपना लिए है। विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी से साफ कह दिया कि अब वह अशोक गहलोत के अंडर में काम नहीं कर सकते हैं।
मिलिंद देवड़ा ने चल रहे हैं नाराज
मिलिंद देवड़ा लगातार अपनी ही पार्टी पर हमलावर हैं। उन्होंने भारत-चीन विवाद पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के रुख पर आपत्ति जताई थी। मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट करके इस अवसर पर एकजुटता का प्रदर्शन करने की सलाह दी थी। एक दिन पहले ही राकांपा अध्यक्ष शरद पवार भी राहुल गांधी के बयानों पर उन्हें आइना दिखाया था।
जितिन प्रसाद की भी नाराजगी की खबर आ चुकी है
जितिन प्रसाद को यूपी में ब्राह्मण चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है। हाल ही में जितिन प्रसाद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के उस ट्वीट पर आभार जताया है, जिसमें उन्होंने विकास दुबे एनकाउंटर को लेकर सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। बता दें कि मार्च 2019 में खबर आई थी कि जतिन प्रसाद भी राहुल गांधी से नाराज चल रहे हैं। तब ऐसा कहा जा रहा था कि जतिन प्रसाद भाजपा का दामन थामने वाले हैं। वह धौरहरा से सांसद रहे हैं और मूल रूप से शाहजहांपुर के रहने वाले हैं। जतिन प्रसाद पार्टी में उनकी उपेक्षा से नाराज बताये जा रहे हैं। प्रिंयका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश और ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार देने और महासचिव नियुक्त करने के बाद प्रसाद पार्टी में किनारे चल रहे थे। जबकि कुछ समय पहले पार्टी उन्हें प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही थी। प्रसाद ब्राह्मण समाज से आते हैं। जतिन प्रसाद के पिता कांग्रेस के बड़े नेताओं में माने जाते थे और उन्होंने सोनिया गांधी के खिलाफ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था।
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