
नई दिल्ली. किसान आंदोलन के बीच राजस्थान में राहुल गांधी का आज दूसरा दिन है। राहुल ने सबसे पहले अजमेर के किशनगढ़ स्थित तेजाजी मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद रूपनगढ़ में ट्रैक्टर रैली को संबोधित किया। राहुल के लिए ट्रॉली के आकार का मंच बनाया गया है। अजमेर के बाद राहुल नागौर के मकराना में रैली को संबोधित करेंगे। अजमेर में ट्रैक्टर रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कृषि कानून मंडी को खत्म कर देगा।
रेहड़ी-पटरी वाले हो जाएंगे बेरोजगार- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि कृषि दुनिया का सबसे बड़ा बिजनेस है, लेकिन पीएम मोदी अपने उद्योगपति दोस्तों को इसे दे देना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अगर पीएम मोदी के ये कानून लागू हो गए तो रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यापारी सभी लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
कृषि कानून पर बरसे राहुल गांधी
राहुल गांधी अजमेर में ट्रैक्टर रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने तीनों कृषि कानूनों का मतलब समझाया। उन्होंने बताया कि पहले कानून का मकसद मंडी को खत्म करना है। दूसरा कानून कहता है उद्योगपति जितना चाहें उतना फल-सब्जी, आनाज स्टोर कर सकते हैं। इससे जमाखोरी बढ़ेगी। तीसरे कानून के मुताबिक किसान अपनी उपज के लिए अदालत में नहीं जा पाएगा। हिंदुस्तान का सबसे बड़ा बिजनेस कृषि का है। इसके अलावा राहुल ने रूपनगढ़ में ट्रैक्टर भी चलाया।
पुजारी ने राहुल को ओढ़ाया केसरिया दुपट्टा
मंदिर में राहुल को पुजारी ने केसरिया दुपट्टा ओढ़ाया। दीये से तेल और नारियल चढ़ाकर राहुल ने पूजा की। पूजा के बाद उनको तेजाजी की तस्वीर भेंट की गई। दोपहर 2.30 बजे वह रूपनगढ़ सभास्थल पहुंचे। राहुल गांधी लोक देवता तेजाजी मंदिर पहुंच गए हैं। गहलोत भी साथ हैं। मंदिर में विधिवत तरीके से राहुल ने पूजा की। उन्होंने पुजारी से मंदिर के इतिहास और पौराणिक महत्व के बारे में भी जानकारी ली।
करीब 1000 लोग हुए शामिल
किशनगढ़ एयरपोर्ट से करीब डेढ़ किमी दूरी पर सिनोदिया मार्बल पर राहुल ने एक नुक्कड़ सभा की। इसमें करीब 1000 लोग थे। यहां राहुल ने 10 मिनट तक भाषण दिया। राहुल ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों के हत्यारे हैं। इसके बाद राहुल तेजाजी मंदिर के लिए निकल गए हैं। रूपनगढ़ में रैली में काली जैकेट पहन कर आए लोगों की जैकेट पुलिस ने उतरवा दी। पुलिस को शक है कि कुछ लोग काले झंडे के तौर पर जैकेट लहरा सकते हैं। सभास्थल पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच चुके हैं। यहां ऐसी व्यवस्था की गई है कि किसान ट्रैक्टर में बैठकर ही राहुल को सुन सकेंगे।
जाटों के बीच 'वीर तेजाजी मंदिर' का क्या है महत्व?
राजस्थान, हरियाणा और यूपी में जाट समुदाय वीर तेजाजी की पूजा करने के लिए जाना जाता है। सुरसुरा गांव में उनकी मृत्यु हुई थी। राजनीतिक रूप से नागौर जिले को राजस्थान की जाट राजधानी के रूप में जाना जाता है।
राजस्थान में कहां-कहां जाटों की बाहुलता है?
श्री गंगा नगर और हनुमानगढ़ एक अन्य जाट बहुल जिले हैं और कांग्रेसी नेता शुक्रवार को यहां दो किसान रैली को संबोधित करेंगे। कांग्रेस राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के जाट बहुल क्षेत्र को समर्थन देने और जीत हासिल करने की पुरजोर कोशिश कर रही है, क्योंकि पार्टी जानती है कि गाजीपुर (यूपी) से शांजापुर (राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर) तक किसान आंदोलन चल रहा है, जिसका नेतृत्व जाट नेता के द्वारा किया जा रहा है।
2018 में तीन पार्टियों के बीच बंट गया था जाट वोट
2018 के विधानसभा चुनावों में राजस्थान में जाट वोट बैंक हनुमान बेनीवाल की अगुवाई वाली आरएलपी, भाजपा और कांग्रेस के बीच विभाजित हो गया। यही हाल हरियाणा में भी रहा, जहां जाट वोट बैंक जेजेपी और कांग्रेस के बीच बंट गया। पश्चिमी यूपी में जाट वोट भाजपा और आरएलडी में बंट गए।
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