
Railway Stations redevelopment programmes: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत में हो रहे दुनिया के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोग्राम को साझा किया। उन्होंने कहा कि नए बन रहे रेलवे स्टेशनों को अगले 50 साल आगे को ध्यान में रखकर रिडेवलप किया गया है। यह सारा काम पीएम मोदी की दूरदर्शी नीति और उनके निर्देशन में हो रहा है।
अश्विनी वैष्णव शनिवार को एक मीडिया हाउस के ग्लोबल बिजनेस समिट में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधान मंत्री के पास स्टेशन पुनर्विकास के लिए एक विशाल दृष्टिकोण है। जब हम उन्हें डिजाइन दिखाने गए तो उन्होंने स्पष्ट कहा था कि 50 साल आगे का ध्यान में रखकर स्टेशनों को डिजाइन किया जाना चाहिए।
रेल मंत्री ने बताया कि किस तरह रेलवे स्टेशनों का निर्माण'डिजिटल ट्विन' की मदद से किया जा रहा है। इससे इन स्टेशनों का रखरखाव डिजिटल रूप से रखा जाएगा। वैष्णव ने बताया कि चंडीगढ़ स्टेशन के रिडेवलपमेंट में लागू मॉड्यूलर अप्रोच को और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा। अगर मॉड्यूलर अप्रोच में हम महारत हासिल कर लेते हैं तो स्टेशन को 14 महीने में विकसित किया जा सकेगा।
वंदे भारत ट्रेनों का कर सकेंगे एक्सपोर्ट
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत सरकार वंदे भारत ट्रेनों को एक्सपोर्ट कर सकेगी। वैष्णव ने रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश में तेजी से रेलवे ट्रैक का निर्माण हो रहा है। ट्रैक निर्माण रेट 2004-14 की अवधि में केवल चार किलोमीटर प्रति दिन थी। लेकिन मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ट्रैक बनने की रेट तीन गुनी हो गई। उन्होंने बताया कि 2014-24 के बीच यह 15 किलोमीटर प्रति दिन से तीन गुना से अधिक हो गई है। पिछले एक साल में भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 5200 किलोमीटर ट्रैक जोड़ा गया जो स्विट्जरलैंड की लगभग पूरी लंबाई है।
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