AC vs Sleeper Coach: पिछले 10 सालों में भारतीय रेलवे ने काफी तरक्की कर ली है। वंदे भारत, अमृत भारत, रैपिड रेल से लेकर ट्रेनों को जिस तरह एलएचबी रैक दिए जा रहे हैं, इससे कहीं न कहीं यात्रियों का एक्सपीरियंस भी बेहतर हुआ है।
पिछले कुछ समय से देखने को मिल रहा है कि यात्री स्लीपर कोच में यात्रा करने के बजाय एसी कोच में सफर करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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तीन साल में स्लीपर कोच में यात्रा करनेवालों की संख्या घटी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 3 साल में स्पीलर क्लास में यात्रा करने वालों की संख्या में काफी कमी आई है, जबकि फर्स्ट एसी से लेकर थर्ड एसी इकोनॉमी के कोचों में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ी है।
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स्लीपर में कितने घटे यात्री?
वित्त वर्ष 2021 में स्लीपर क्लास में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 10.85 करोड़ थी। अगले दो साल यानी 2022-2023 में और इजाफा हुआ। लेकिन पिछले 3 साल में स्लीपर में सफर करने वाले यात्री घटे हैं।
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वित्त वर्ष 2025 में सिर्फ 35.12 करोड़ यात्रियों ने किया स्लीपर में सफर
वित्त वर्ष 2023 में 37.95 करोड़ यात्रियों ने स्लीपर में सफर किया था। लेकिन 2024 में ये संख्या 36.01 करोड़ रह गई। वहीं, 2025 में इसमें और गिरावट आई और आंकड़ा 35.12 करोड़ यात्रियों तक रह गया।
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फर्स्ट AC कोच में कितनी बढ़ी यात्रियों की संख्या
पिछले 5 साल में एसी कोच में यात्रा करनेवालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। फर्स्ट एसी में वित्त वर्ष 2023 में 40.40 लाख यात्रियों ने सफर किया। वहीं, 2024 में 49.50 लाख और 2025 में 55.60 लाख यात्रियों ने टिकट लिए।
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3 साल में सेकेंड एसी कोच में कैसे बढ़े यात्री
वित्त वर्ष 2023 में सेकेंड एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 3.96 करोड़ थी, जो 2024 में 4.45 करोड़ और 2025 में 4.82 करोड़ पहुंच गई।
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थर्ड AC कोच में भी बढ़ती गई यात्रा करनेवालों की संख्या
इसी तरह, थर्ड एसी कोच की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में 17.61 करोड़, 2024 में 19.33 करोड़ और 2025 में 19.72 करोड़ यात्रियों ने सफर किया।
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थर्ड एसी इकोनॉमी कोच रहा अव्वल
वहीं, यात्रियों की संख्या के मामले में थर्ड एसी इकोनॉमी कोच सबसे आगे रहा। वित्त वर्ष 2023 में 40.75 लाख यात्रियों ने सफर किया। 2024 में 1.76 करोड़ और 2025 में 3.69 करोड़ यात्रियों ने इसमें सफर किया।
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