
नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए रेलवे ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत 6 राज्यों में 14.14 लाख दिन का रोजगार दिया।
सदन में रेल मंत्री पीयूष गोयल से सवाल पूछा गया था कि लॉकडाउन में सीधे तौर पर रेलवे पर निर्भर रहने वाले कितने लोगों की नौकरियां गईं। इसके जवाब में पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे ने सीधे तौर पर ऐसा कोई सर्वे या स्टडी नहीं कराई, जिससे यह जानकारी पता लग सके।
140 प्रोजेक्ट पर रेलवे ने दिया काम
उन्होंने कहा कि रेलवे ने आर्थिक गतिविधियों को तेजी देने के लिए लॉकडाउन के बाद कॉन्ट्रैक्टरों के तहत काम करने वालों को रोजगार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 20 जून को गरीब कल्याण रोजगार अभियान का ऐलान किया था। इसके तहत रेलवे ने 140 प्रोजेक्ट में 1414604 दिन का रोजगार दिया।
इन 6 राज्यों में दिया गया काम
गोयल ने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड और ओडिशा के चयनित जिलों में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत रोजगार दिया गया।
उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से लगे आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन भुगतान जारी करने के निर्देश जारी किए गए थे, जो 31 मई, 2020 तक लॉकडाउन अवधि के दौरान ड्यूटी में शामिल नहीं हो सकते थे।
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