प्रेग्नेंट हथिनि से बर्बरता पर भड़के रतन टाटा, बोले- यह एक इंसान का मर्डर करने जैसा अपराध, कार्रवाई हो

Published : Jun 04, 2020, 11:17 AM ISTUpdated : Jun 04, 2020, 11:23 AM IST
प्रेग्नेंट हथिनि से बर्बरता पर भड़के रतन टाटा, बोले- यह एक इंसान का मर्डर करने जैसा अपराध, कार्रवाई हो

सार

केरल में एक गर्भवती हथिनि की पटाखे खाने से मौत हो गई थी। ऐसे में देश के बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा ने भी आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की है।

मुंबई। केरल में एक गर्भवती हथिनि की पटाखे खाने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद देश के कई बड़े सेलेब्रिटी और नेता आरोपियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में देश के बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा ने भी आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की है। उन्होंने अपने ट्विटर पर हाथी की पेंटिंग पोस्ट करते हुए लिखा, मैं इस घटना से काफी आहत हूं, किसी इंसान ने बेजुबान जानवर को पाइनएप्पल में पटाखे भरकर खिला दिए और उसकी मौत का करण बने। यह उतना ही बड़ा अपराध है जितना एक इंसान का मर्डर करना। उस हाथिनि के लिए मैं न्याय की मांग करता हूं।

सीएम ने दिया जांच का भरोसा
केरल के सीएम पिन्नराई विजयन ने बुधवार को कहा कि मामले की जांच की जा रही है। घटना के आरोपियों को कड़ी सजा दी जाएगी। इसके पहले केरल के फॉरेस्ट मिनिस्टर ने कहा था कि इसके लिए एक टीम बनाई गई है जो मामले की जांच करेगी। घटना के आरोपियों को कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा यह घटना किसी मर्डर से कम नहीं है।
यह है मामला
केरल के अट्टापड्डी की साइलैंट वैली में एक 15 साल की हथिनि भोजन की तलाश में भटक रही थी। कुछ शरारती तत्वों ने अनन्नास में पटाखे भर के हथिनि को खिला दिया। पटाखे उसके मुंह में फट गए जिससे उसका जबड़ा टूट गया। इसके बाद वह पानी पीने लेक में गई और वहां उसने दम तोड़ दिया। उसके पेट में एक छोटा बच्चा था और उसकी मौत हो गई। सरकार मामले की जांच कर रही है। सीएम ने भरोसा दिलाया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Delhi Red Fort Blast: डॉक्टर, प्रोफेसर और मौलवी ने कैसे बुनी साजिश? NIA रिमांड पर उगलेंगे राज़
गैंगस्टर अबू सलेम को 14 दिन की पैरोल देने से सरकार का इनकार, अब क्या बचा आखिरी रास्ता?