
नई दिल्ली. केंद्र ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के 12 राज्यों में 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' की शुरुआत कर दी है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मौजूदा समय में, केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल को प्रायोगिक आधार पर छह राज्यों के एक क्लस्टर में चलाया जा रहा है। सरकार इस सुविधा को एक जून, 2020 से पूरे देश में लागू करना चाहती है।
एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड पहल के तहत, राशन कार्ड लाभार्थी देश में किसी भी उचित मूल्य की दुकान से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकता है।
पासवान ने संवाददाताओं से कहा, "हमने 12 राज्यों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की शुरुआत कर दी है। लाभार्थी मौजूदा राशन कार्ड का उपयोग करते हुये इनमें से किसी भी राज्य में अपने हिस्से का राशन ले सकते हैं।" उन्होंने कहा कि -आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड और त्रिपुरा- इन 12 राज्यों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई है।
पासवान ने कहा कि दूसरे स्थानों पर लाभार्थी अपनी पात्रता का 50 प्रतिशत हिस्सा ही ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि मांग को पूरा करने के लिए राशन की दुकानों पर पर्याप्त खाद्यान्न आपूर्ति की जायेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एनएफएसए के तहत, अभी तक 81.35 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले करीब 75 करोड़ लाभार्थियों को दायरे में लिया गया है।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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