पेट की इस परेशानी के चलते हॉस्पिटल में भर्ती हुए RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास

Published : Nov 26, 2024, 11:04 AM ISTUpdated : Nov 26, 2024, 12:23 PM IST
Shaktikanta Das

सार

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास को एसिडिटी की शिकायत के बाद चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिंता की कोई बात नहीं, जल्द मिल सकती है छुट्टी।

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) को चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उन्हें एसिडिटी की शिकायत थी।

रिजर्व बैंक के प्रवक्ता ने बताया है कि शक्तिकांत दास को 'एसिडिटी' के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके सेहत को लेकर 'चिंता की कोई बात' नहीं है। वह ठीक है। कुछ देर में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। सूत्र ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि गवर्नर के सेहत की निगरानी की जा रही है। अस्पताल की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।

शक्तिकांत दास के कार्यकाल को विस्तार देने पर विचार कर रही सरकार

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार आरबीआई गवर्नर के कार्यकाल को दूसरा विस्तार देने पर विचार कर रही है। ऐसा हुआ तो दास 1960 के दशक के बाद से सबसे लंबे समय तक आरबीआई प्रमुख रहने वाले व्यक्ति बन जाएंगे।

दिसंबर 2018 में आरबीआई के गवर्नर बनें थे शक्तिकांत दास

शक्तिकांत दास दिसंबर 2018 में आरबीआई के गवर्नर नियुक्त किए गए थे। उन्होंने हाल के दशकों में देखे गए सामान्य पांच साल के कार्यकाल को पहले ही पार कर लिया है। आरबीआई ने उनके नेतृत्व में मुद्रास्फीति के दबाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं सहित विभिन्न आर्थिक चुनौतियों का सामना किया है। गवर्नर दास ने एक इंटरव्यू में भारत की आर्थिक लचीलेपन पर भरोसा जताते हुए कहा था कि देश संरक्षणवाद, व्यापार युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव सहित बाहरी झटकों से निपटने के लिए अच्छी तरह तैयार है।

यह भी पढ़ें- तेलंगाना सरकार ने क्यों ठुकराया अडानी का 100 करोड़ का दान? जानें वजह

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Meta को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई तगड़ी फटकार, कहा- नियम मानो वरना भारत छोड़ो
2 बच्चों संग रेलवे ट्रैक पर कटी महिला, सुसाइड नोट-पड़ोसियों के बयान सुन पुलिस के हाथ-पांव फूले