RHFL केस: CBI ने पहली चार्जशीट दाखिल की, अधिकारियों पर धोखाधड़ी का आरोप

Published : Jul 10, 2026, 03:00 AM IST
Representative image (File photo/ANI)

सार

सीबीआई ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) मामले में कंपनी और 3 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर की है। इन पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के जरिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ₹3526.35 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

चार आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल

नई दिल्ली [भारत], 10 जुलाई (एएनआई): केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) मामले में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पहली चार्जशीट दायर की है। यह चार्जशीट चार आरोपियों के खिलाफ है, जिनमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), आरएचएफएल के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारी - रविंद्र सुधाल्कर (कार्यकारी निदेशक और सीईओ) और कृष्णन गोपालकृष्णन अय्यर (मुख्य जोखिम अधिकारी) तथा रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी (मुख्य क्रेडिट और जोखिम अधिकारी) शामिल हैं। इन पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप हैं।

गुरुवार को दायर की गई यह चार्जशीट सीबीआई द्वारा की गई जांच पर आधारित है। एजेंसी ने कहा कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड द्वारा उधार लिए गए फंड को मध्यस्थ और वाहक संस्थाओं के माध्यम से रिलायंस एडीए समूह की विभिन्न कंपनियों में डायवर्ट किया गया था। यह इन कर्जों को नियंत्रित करने वाले नियमों और शर्तों का उल्लंघन था, जिससे कर्ज देने वाले बैंकों को गलत तरीके से नुकसान हुआ और आरोपी व्यक्तियों तथा संबंधित संस्थाओं को गलत तरीके से फायदा पहुंचा।

बैंकों को ₹3526 करोड़ का नुकसान, जांच जारी

यह याद दिलाया जा सकता है कि सीबीआई ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और कंसोर्टियम के अन्य पीएसयू बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। कंसोर्टियम के 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कुल 3526.35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने में शामिल अन्य निदेशकों, संस्थाओं और लोक सेवकों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी रखी गई है। उम्मीद है कि आने वाले समय में पूरक चार्जशीट भी दायर की जाएंगी।

अब तक दो आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों, आरएचएफएल के पूर्व सीईओ रविंद्र सुधाल्कर और पूर्व निदेशक अमित बापना को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

रिलायंस एडीए ग्रुप के खिलाफ कई मामले दर्ज

यह भी याद दिलाया जा सकता है कि सीबीआई ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की हैं। सीबीआई ने इससे पहले रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) मामले में 29 मई, 2026 को 16 आरोपियों के खिलाफ अपनी पहली चार्जशीट और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) मामले में 7 जुलाई, 2026 को सात आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दायर की थी। मौजूदा चार्जशीट रिलायंस एडीए ग्रुप के मामलों में दायर की गई तीसरी चार्जशीट है। (एएनआई)

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