हादसे रोकने को बड़ी पहल, जल्द NH पर हर 10km पर दिखेंगे बड़े स्पीड साइन बोर्ड

Published : Dec 31, 2024, 08:59 AM ISTUpdated : Dec 31, 2024, 09:30 AM IST
Road

सार

तेज रफ्तार और लेन उल्लंघन से होने वाले हादसों को कम करने के लिए सरकार ने नया कदम उठाया है। अब एक्सप्रेसवे और हाईवे पर हर 10 किमी पर स्पीड लिमिट के साइन बोर्ड दिखेंगे। क्या ये बदलाव वाकई में हादसे कम कर पाएगा?

नई दिल्ली। अधिक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना और लेन उल्लंघन सड़क हादसे की मुख्य वजह हैं। सड़क हादसे कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। परिवहन मंत्रालय ने सड़क का संचालन करने वाली एजेंसियों के लिए अनिवार्य कर दिया है कि एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 10 किलोमीटर पर गति सीमा वाले साइन बोर्ड लगाएं। इससे ड्राइवर को पता चल सकेगा कि वह कितनी तेज रफ्तार से गाड़ी चला सकता है। साइन बोर्ड फुटपाथ पर लगाए जाएंगे। इनपर गाड़ी का लोगो भी दिया जाएगा।

मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर साइनेज के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये फरवरी 2025 से लागू होंगे। दरअसल, सुरक्षित ड्राइविंग के लिए साइनेज और सड़क चिह्न महत्वपूर्ण हैं। इन्हें सड़क की भाषा माना जाता है। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रत्येक ड्राइवर को इसकी अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

हर 5 किमी पर लगाना होगा नो पार्किंग साइनेज

सड़क यात्रा के दौरान लोग अक्सर गति सीमा, निकास बिंदु और दिशा जैसे अनिवार्य जानकारियों को अनदेखा कर देते हैं। इसे देखते हुए परिवहन मंत्रालय ने नियमित अंतराल पर बड़े साइनेज लगाने का आदेश दिया है। कहा है कि गति सीमा के संकेत हर 5 किमी पर लगाए जाने चाहिए। दिशा-निर्देशों के अनुसार नेशनल हाईवे ऑपरेट कर रहीं एजेंसियों को ड्राइवरों को सूचित करने के लिए हर 5 किमी पर "नो पार्किंग" साइनेज लगाना सुनिश्चित करना होगा। हर 5 किमी पर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर का बोर्ड लगाना होगा।

भारत में सड़क हादसों के चलते हर साल जाती है 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की जान

बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की सड़कों की स्थिति काफी अच्छी हुई है। नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम हुआ है। अच्छी सड़कें बनने से लोगों को सुविधा हुई है। हालांकि इसका एक दूसरा असर भी देखने को मिला है। लोग तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं जिसके चलते हादसे अधिक हो रहे हैं।

भारत में सड़क हादसों के चलते हर साल 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की जान जाती है। लाखों लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। सड़क हादसों के चलते 2018 में 157593, 2019 में 158984, 2020 में 138383, 2021 में 153972 और 2022 में 168491 लोगों की मौत हुई।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Nitin Nabin: बीजेपी बॉस के घर में चलता है अलग सिस्टम, पत्नी ने बताया क्यों नहीं होता झगड़ा
गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में अलर्ट क्यों? मेट्रो-बाजारों में लगे आतंकी पोस्टर-खतरे का सायरन?