
मुंबई. द. मुंबई के एक उद्योगपति के बेटे के साथ बैंक फ्रॉड का मामला सामने आया है। युवक के कार्ड से अप्रैल से अगस्त के बीच अमेरिका में 150 ट्रांसजेक्शन हुए, इसमें उसके खाते से 8.16 लाख रुपए भी निकाल लिए गए। इस दौरान युवक को ट्रांसजेक्शन का कोई मैसेज या अलर्ट भी नहीं आया।
चपत का ऐसे हुआ खुलासा
व्यापारी मोइज हामी अपने बेटे की पासबुक को 11 सितंबर को अपडेट कराने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि उन्हें खाते से लाखों रुपए निकल गए और उन्हें पता भी नहीं चला। बैंक ने उन्हें बताया कि वे साइबर फ्रॉड का शिकार बने हैं।
बैंक की ओर से हामी को बताया गया कि उनके बेटे जहीर के नाम पर जारी डेबिट कार्ड की क्लोनिंग की गई है। इसके जरिए अमेरिका में नियमित तौर पर पैसे निकाले गए हैं। जहीर रोम में पढ़ाई कर रहे हैं। हामी ने इस मामले में पुलिस से भी शिकायत की, हालांकि, अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ।
बैंक की तरफ से नहीं आया कोई अलर्ट
जहीर इससे पहले भारत में सॉफ्टवेयर फर्म के लिए काम करते थे। 15 जुलाई 2018 को वे रोम चले गए। उनका भारत में अकाउंट था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हामी ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक भी अलर्ट नहीं आया। जब उन्होंने ये सवाल बैंक से किया तो कर्मचारी इसका जवाब नहीं दे पाए। न ही बैंक कर्मियों ने ये जानकारी दी, कि जब अमेरिका में हर पांच सेकंड में ट्रांसजेक्शन हो रहा था, तो कार्ड को ब्लॉक क्यों नहीं किया गया।
पीओएस सिस्टम के जरिए हुए ऑनलाइन पेमेंट
रिपोर्ट के मुताबिक, 3 मई , 8 मई और 20 मई को हर पांच-पांच सेकंड के अंतराल में 20 ट्रांसजेक्शन हुए, लेकिन बैंक को इसे लेकर कोई शक नहीं हुआ। बैंक ने बताया कि पैसों का इस्तेमाल पीओएस के जरिए ऑनलाइन पेमेंट में हुआ है।
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