
नागपुर। सुप्रसिद्ध साहित्यकार नरेंद्र कोहली के निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शोक संवेदना प्रकट की है।
आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने साहित्यकार नरेंद्र कोहली के निधन पर दुःख प्रकट करते हुए कहा है कि वह ऐसे शब्दयोगी थे जिन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से इस माटी की विरासत और समृद्ध परंपराओं को युगानुकूल संदर्भ में परिभाषित किया।
आरएएस की अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से शोक जताते हुए कहा गया है कि प्रसिद्ध साहित्यकार नरेंद्र कोहली के निधन के दुःखद समाचार से हृदय को आघात हुआ। वे भारतीय साहित्य जगत के सशक्त स्तंभ थे। उनके असमय चले जाने से हिंदी साहित्य के प्राज्जवल्यमान अध्याय का अंत हो गया है। आज उनके निधन से केवल रचना संसार ही नहीं समूचा राष्ट्र स्तब्ध है। इस शोक की वेला में समस्त परिवारीजन को हार्दिक संवेदनाएं एंव प्रभु चरणों में प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
सौ से अधिक किताबें लिख चुके
सुप्रसिद्ध साहित्यकार नरेंद्र कोहली उपन्यास, नाटक, व्यंग्य, कहानी, संस्मरण के अलावा निबंध जैसी कई विधाओं में सौ से अधिक किताबें लिख चुके हैं। उन्होंने महाभारत की कथा को अपने उपन्यास महासमर के आठ खंडों में लिखी थी।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी में पीजी और डाॅक्टरेट की उपाधि लेने के बाद डाॅ.कोहली ने टीचिंग भी की थी। डाॅ.कोहली को शलाका सम्मान, साहित्य भूषण, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार, साहित्य सम्मान और पद्मश्री आदि कई पुरस्कार मिले थे।
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