
India China Border Dispute: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) एक बार फिर अपने विवादित बयान के चलते चर्चा में हैं। उन्होंने भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर ऐसी बात कही है कि भाजपा ने करारा जवाब दिया है।
पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की यात्रा पर गए थे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत चीन सीमा विवाद में मध्यस्थता करने का ऑफर दिया था। हालांकि भारत की ओर से इसे अस्वीकार कर दिया गया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि नई दिल्ली द्विपक्षीय दृष्टिकोण अपनाएगी।
इस मामले में सैम पित्रोदा ने कहा कि भारत-चीन सीमा विवाद को "बढ़ा-चढ़ाकर" पेश किया गया है। अमेरिका को "दुश्मन को परिभाषित करने की आदत है"। उन्होंने कहा, "मैं चीन से खतरे को नहीं समझ पा रहा हूं। मुझे लगता है कि इस मुद्दे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है क्योंकि अमेरिका को दुश्मन को परिभाषित करने की आदत है। मेरा मानना है कि अब समय आ गया है कि सभी देश आपस में सहयोग करें, न कि टकराव।"
पित्रोदा ने सीमा मुद्दे पर भारत सरकार के रुख की निंदा की। कहा, "यह शुरू से ही टकरावपूर्ण रहा है। इस तरह का रवैया दुश्मन पैदा करता है। हमें इस पैटर्न को बदलने की जरूरत है। यह मान लेना कि चीन दुश्मन है, ठीक नहीं है।"
13 फरवरी को व्हाइट हाउस में नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था। इस दौरान ट्रंप से पूछा गया कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध चीन का मुकाबला कैसे करेंगे। इसपर ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि चीन के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे होने जा रहे हैं। चीन दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। मुझे लगता है कि वे यूक्रेन और रूस के साथ लड़ाई खत्म करने में हमारी मदद कर सकते हैं।"
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उन्होंने कहा, "मैं भारत को देखता हूं, सीमा पर झड़पों को देखता हूं, जो काफी क्रूर हैं। मुझे लगता है कि वे जारी रहेंगी। अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मुझे मदद करना अच्छा लगेगा। इसे रोका जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि चीन, भारत, रूस, अमेरिका और हम सभी साथ मिल कर काम कर सकते हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है।"
भाजपा नेता सुधांशु पांडे ने सैम पित्रोदा की आलोचना करते हुए कहा, "सैम पित्रोदा ने कोई अलग बयान नहीं दिया है। इस तरह के बयान पहले भी राहुल गांधी ने दिए हैं। कुछ समय पहले अपनी एक विदेश यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया था कि चुनौतियों के बावजूद चीन ने बेरोजगारी के मुद्दे को सुलझा लिया है। सच्चाई यह है कि चीन में रोजगार दर फिलहाल 24% है।"
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सुधांशु पांडे ने कहा, "इस तरह के बयान 2020 के गलवान घाटी संघर्ष में अपनी जान गंवाने वाले 20 जवानों का अपमान है। पित्रोदा ने भारत की पहचान, कूटनीति और संप्रभुता पर गहरा चोट किया है।"
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