
नई दिल्ली. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अनिल अंबानी की कंपनियों रिलायंस कम्युनिकेशन, रिलायंस टेलीकॉम और रिलायंस इन्फ्राटेल के खातों को फ्रॉड घोषित कर दिया है। बैंक ने यह जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट में दी। बैंक के मुताबिक, ऑडिट डिवीजन को इन खातों से पैसे कहीं और भेजने और दूसरी गड़बड़ियों के सबूत मिले हैं। अकाउंट फ्रॉड घोषित होने के बाद सीबीआई इनकी जांच कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने बैंक को कोई कदम नहीं उठाने का निर्देश दिया है।
इस मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अनिल अंबानी की कंपनियों की ओर से कहा गया कि रिजर्व बैंक के सर्कुलर के खिलाफ 2019 से कई याचिकाएं दायर हुईं। इसने कंपनियों के हक में भी फैसला आया। इसके बाद जस्टिस प्रतीक जालान ने एसबीआई को कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इस मामले में 11 जनवरी को आईबीआई और तीनों कंपनियों को जवाब दाखिल करना है। अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी।
कब घोषित होता है अकाउंट फ्रॉड घोषित
बैंक नियमों के मुताबिक, अगर कोई एक तिमाही तक लोन की किस्त नहीं चुकाता है तो बैंक उस अकाउंट को एनपीए घोषित कर देता है। इसके बाद उस अकाउंट की ऑडिटिंग कराई जाती है। ऑडिटिंग में अगर पैसे के गलत इस्तेमाल की बात साबित होती है तो अकाउंट को फ्रॉड घोषित कर दिया जाता है।
1 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी में सीबीआई करती हैं जांच
अकाउंट फ्रॉड घोषित करने के बाद बैंक को इसकी जानकारी आरबीआई को देनी होती है। अगर गड़बड़ी एक करोड़ रुपए से ज्यादा की है तो बैंक को सीबीआई के पास शिकायत दर्ज करानी पड़ेगी। इससे कम रकम पर पुलिस जांच करती है।
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