
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली दक्षिण दिल्ली नगर निगम (SDMC) ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने के लिए पुलिस नहीं मिलने की वजह से पिछले हफ्ते दो बार अतिक्रमण विरोधी अभियान की नई योजना बनाई। दक्षिण एमसीडी के आंतरिक क्षेत्र स्तर के एक अधिकारी ने बताया कि शाहीन बाग में 5 मई और 9 मई को कार्रवाई की जानी थी। सूत्रों का कहना है कि पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराने से इनकार किया था। चूंकि, बिना पुलिस सुरक्षा के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया जा सकता था, इसकी वजह से दो बार एसडीएमसी को प्लान बदलना पड़ा।
बुधवार से शुरू हुआ अतिक्रमण अभियान
2019 में शाहीन बाग में सीएए के विरोध प्रदर्शन (Anti CAA protest) हुए थे। यह क्षेत्र दक्षिण दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आता है। सीडीएमसी ने इस इलाके में अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए 10-दिवसीय अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया है। एसडीएमसी के अध्यक्ष, मध्य क्षेत्र, राजपाल सिंह ने कहा था कि यह अभियान संगम विहार इलाके में एमबी रोड पर करणी सिंह शूटिंग रेंज से शुरू हुआ और 13 मई तक विभिन्न इलाकों में जारी रहेगा। यह अभियान शाहीन बाग मुख्य सड़क, कालिंदी कुंज, एमबी रोड, मेहरचंद मार्केट, श्रीनिवास पुरी और खड़ा कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में चलेगा।
9 मई को शाहीन बाग से हटेंगे अतिक्रमण
राजपाल सिंह ने बताया कि हमने शाहीन बाग सहित इन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के लिए 10 दिन की कार्य योजना तैयार की है। हमने अभियान को अंजाम देने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की भी मांग की है। पुलिस का बंदोबस्त नहीं होने के कारण हमने शाहीन बाग में 9 मई को अभियान चलाने की योजना बनाई है। इससे पहले कालिंदी कुंज और श्रीनिवास पुरी में 5 और 6 मई को अतिक्रमण हटा लिया जाएगा। 10 मई को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के पास गुरुद्वारा रोड के पास अभियान चलाया जाएगा। 11 मई को मेहरचंद मार्केट, लोधी कॉलोनी में साईं बाबा मंदिर के पास और जेएलएन मेट्रो स्टेशन के पास अभियान चलाया जाएगा। एसडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा- यह कार्रवाई हमारे निरंतर अभियान का हिस्सा है। लेकिन पुलिस बल उपलब्ध होने पर ही हम अभियान चला पाते हैं।
सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों के चलते दुनियाभर में शाहीन बाग चर्चित
दिसंबर, 2019 में देश में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA)के खिलाफ शाहीन बाग में धरना-प्रदर्शन हुए थे। यहां पर कई महीनों तक प्रदर्शनकारी डटे थे। मार्च 2020 में शहर में COVID-19 महामारी फैलने के बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया था। पिछले दिनों दिल्ली के भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता ने दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्रों में रोहिंग्या, बांग्लादेशियों और विरोधी आसामाजिक तत्वों द्वारा इलाकों में अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए नगर निगमों को पत्र लिखा था। यह कार्रवाई इसी पत्र के बाद शुरू हुई है।
जहांगीरपुरी में सुप्रीम कोर्ट ने दिया था दखल
16 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के दिन दिल्ली के जहांगीरपुरी में भड़की हिंसा के बाद डीएमसी ने ने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और शीर्ष अदालत ने इस मामले पर अगली सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी थी।
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