
दिल्ली. शरद पवार की पार्टी के एनसीपी नेता और एमएलए जितेंद्र आव्हाड द्वारा स्कूली पाठ्यक्रम में मनुस्मृति का श्लोक शामिल करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उनके हाथ से बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर फट गई। इस घटना से महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया। ऐसे में विधायक जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया। हालांकि ये गलती से हुआ था। ऐसे में उन्होंने तुरंत अपनी गलती का पता लगते ही जनता से माफी मांग ली।
ये था मामला
दरअसल राज्य सरकार द्वारा स्कूली पाठ्यक्रम में श्रीमद्भागवत गीता के एक हिस्से को शामिल करने का निर्णय लिया था। सरकार के इस निर्णय का विरोध शुरु हो गया था। बताया जा रहा है कि ये निर्णय सरकार द्वारा विद्यार्थियों को भारतीय मूल्यों से रूबरू कराने के लिए किया जा रहा था। लेकिन इसका विरोध शुरू हो गया। इस मामले का शरद पवार की पार्टी के नेता जितेंद्र आव्हाड ने भी विरोध किया। वे रायगढ़ के महाड में स्थित चवदार ताला पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए मनुस्मृति की कॉपियां जलाई। इस दौरान जय भीम, डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर की जय हो आदि नारे भी लगाए जा रहे थे।
पुलिस ने जारी किया था नोटिस
आपको बतादें कि इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए महाड पुलिस ने नोटिस भी जारी किया था। ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। साथ ही आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो। लेकिन एमएलए जितेंद्र आव्हाड ने इस नोटिस की भी अवहेलना की और मनुस्मृति की प्रति को जलाया।
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