
नई दिल्ली. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शुक्रवार को अपना रुख दोहराया कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) में किसी खास धर्म का उल्लेख नहीं होना चाहिए बल्कि यह सभी धार्मिक समुदायों के लिए होना चाहिए।
पार्टी ने संसद में इस विवादित कानून के पक्ष में मतदान किया था लेकिन उसका कहना है कि वह कानून के दायरे से किसी धार्मिक समुदाय को बाहर रखे जाने के खिलाफ है।
राज्यसभा सदस्य नरेश गुजराल ने कहा
शिअद के राज्यसभा सदस्य नरेश गुजराल ने कहा, "धर्म का उल्लेख करने की बजाए यह मुस्लिमों समेत सभी धर्मों के लिए होना चाहिए, यही बात शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने संसद में भी कही थी।"
उन्होंने कहा, "हम गठबंधन धर्म का पालन करते हैं और इसलिए हमने दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, लेकिन बाद में भाजपा हमारे पास आई तो हमने उन्हें समर्थन दिया।" पार्टी के एक अन्य सांसद बलविंदर सिंह भूंदड़ ने सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में यह मुद्दा उठाया था।
मुस्लिम समेत सभी धर्मों को सीएए में शामिल किया जाना चाहिए
उन्होंने कहा, "मैंने अपनी पार्टी का रुख दोहराया कि मुस्लिम समेत सभी धर्मों को सीएए में शामिल किया जाना चाहिए।" हालांकि, दोनों नेताओं ने कहा कि पार्टी ने कानून का समर्थन इसलिए किया क्योंकि यह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सिख समुदायों के सदस्यों को भी फायदा पहुंचाता है।
भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बताया
भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को बताया कि उसका सहयोगी दल शिअद आठ फरवरी के चुनाव में पार्टी का समर्थन करेगा। शिअद ने भगवा पार्टी से मतभेदों के चलते दिल्ली विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.