
नई दिल्ली/मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत केस में एम्स के फॉरेंसिक हेड डॉ. सुधीर गुप्ता की रिपोर्ट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- "इशकरण भंडारी कुछ दिन से डॉ. गुप्ता के बयान बदलने पर काम कर रहे थे। वो जल्द ही मीडिया से बात करेंगे। अब CBI को वो करना चाहिए जो अनिवार्य हैः हत्या की धारा 302 के तहत अतिरिक्त एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। कल मैंने संसद में स्वास्थ्य मामलों की स्थायी समिति के सदस्य के रूप में जांच करने का अनुरोध किया है।"
डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने रिपोर्ट में क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एम्स की सात डॉक्टरों की टीम ने बीते दिनों अपनी एक रिपोर्ट में ये कहा कि सुशांत की मौत आत्महत्या करने से ही हुई है। हत्या जैसी कोई बात नहीं है।
डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने पहले क्या कहा था?
इस बीच रिपब्लिक मीडिया ने खुलासा किया कि 22 अगस्त को उनके एक रिपोर्टर से बातचीत में सुधीर गुप्ता ने कहा कि था कि सुशांत सिंह मामले में न तो घटनास्थल को सील किया गया और ना ही सबूतों को सुरक्षित रखा गया। इस मामले में जो सबूत हैं वो जांच के लायक ही नहीं हैं। मुंबई पुलिस की रिपोर्ट में कई खामियां हैं।
सामना अखबार ने सुशांत को बताया चरित्रहीन
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा, मुंबई पुलिस ने इस मामले में जिस नैतिकता और गुप्त तरीके से जांच की, वह केवल इसलिए ताकि मृत्यु के पश्चात तमाशा न बने। लेकिन सीबीआई ने मुंबई आकर जब जांच शुरू की तब पहले 24 घंटे में ही सुशांत का गांजा और चरस प्रकरण सामने आ गया। सीबीआई जांच में पता चला कि सुशांत एक चरित्रहीन और चंचल कलाकार था। बिहार की पुलिस को हस्तक्षेप करने दिया गया होता तो शायद सुशांत और उसके परिवार की रोज बेइज्जती होती। बिहार राज्य और सुशांत के परिवार को इसके लिए मुंबई पुलिस का आभार मानना चाहिए।
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