
आसाराम। सुप्रीम कोर्ट ने रेप के दोषी आसाराम को जमानत के लिए राजस्थान हाई कोर्ट जाने को कहा है। इससे पहले आशाराम बापू ने बिगड़ती स्वास्थ्य स्थितियों का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनके ज़मानत से जुड़े अपील को सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत से मिली उम्रकैद की सजा के खिलाफ आसाराम की याचिका पर राजस्थान हाई कोर्ट तेजी से सुनवाई करे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि आसाराम चाहें तो इलाज की मांग के लिए हाई कोर्ट को आवेदन दें सकते हैं।
धर्मगुरु आसाराम बापू ने सुप्रीम कोर्ट के सामने दलील दी थी कि वह निर्दोष हैं और पहले ही 11 साल से अधिक कारावास की सजा काट चुके हैं। जिस पर सुनवाई करते करते हुए न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने आज शुक्रवार (1 मार्च) को अपना फैसला सुनाते हुए उनकी जमानत की याचिका खारिज कर दी।
आसाराम का सता रहा मौत का डर!
आसाराम की उम्र 85 साल है। उन्हें डर है कि उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल/डॉक्टर से इलाज कराने की अनुमति नहीं दी गई तो जेल में ही उनकी मृत्यु हो सकती है। इसी पर आसाराम के वकील ने राहत की मांग करते हुए कहा कि उनका मुवक्किल पिछले नौ साल से जेल में है और वह 80 साल से अधिक उम्र का है और गंभीर बीमारियों से पीड़ित है। बता दें कि 2018 अप्रैल में राजस्थान के जोधपुर की एक अदालत ने आसाराम को 2013 में अपने आश्रम में एक नाबालिग से बलात्कार का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसी मामले में अदालत ने उसके दो सहयोगियों को 20 साल जेल की सजा सुनाई थी।
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