
नई दिल्ली. वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 1 रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने भूषण को 15 सितंबर तक 1 रुपए का जुर्माना जमा कराने को कहा है। 15 सितंबर तक फाइन नहीं भरा तो उन्हें 3 महीने की जेल होगी और 3 साल के लिए प्रैक्टिस पर रोक लगा दी जाएगी।
कोर्ट ने कहा था-माफी मांगने में गलत क्या है?
25 अगस्त को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि माफी मांगने में गलत क्या है। क्या यह शब्द इतना बुरा है। प्रशांत भूषण ने माफी मांगने से मना कर दिया था।
- वकील प्रशांत भूषण को चीफ जस्टिस और 4 पूर्व सीजेआई की अवमानना के केस में अवमानना का दोषी माना। प्रशांत किशोर पर अवमानना की कार्रवाई उनके दो ट्वीट को लेकर की गई। भूषण ने ये दो ट्वीट चीफ जस्टिस और चार पूर्व सीजेआई को लेकर किए थे।
क्या लिखा था ट्वीट में?
इन दोनों ट्वीट पर सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया।
- प्रशांत ने 27 जून को पहला ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि जब इतिहासकार भारत में बीते 6 सालों के इतिहास को देखते हैं तो पाते हैं कि कैसे बिना इमरजेंसी के देश में लोकतंत्र को खत्म किया गया। ये इतिहासकार सुप्रीम कोर्ट खासकर 4 पूर्व चीफ जस्टिस की भूमिका पर सवाल उठाएंगे।
- प्रशांत ने अपने दूसरे ट्वीट में चीफ जस्टिस बोबडे की हार्ले डेविडसन बाइक के साथ फोटो शेयर की थी। इसमें उन्होंने बोबडे की आलोचना करते हुए लिखा था कि उन्होंने कोरोना काल में अदालतों को बंद करने का आदेश दिया था।
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