
Waqf law: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन एक्ट को लेकर दायर याचिकाओं पर बुधवार दोपहर को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। CJI संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने इस मामले में केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
इस बीच Times Now की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट तीन पॉइंट वाला अंतरिम आदेश सुनाने वाला था। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी दलीलें तैयार करने के लिए और समय मांगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना अंतरिम आदेश वापस ले लिया। अब गुरुवार दोपहर 2 बजे फिर से वक्फ एक्ट पर सुनवाई होगी।
1- कोर्ट द्वारा वक्फ के रूप में घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित नहीं किया जाना चाहिए। चाहे वे "वक्फ-बाय-यूजर" या "वक्फ बाय डीड" हों। जब तक सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 (Waqf Amendment Act 2025) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हो रही है।
2- वक्फ संशोधन एक्ट का वह प्रावधान लागू न हो जिसके अनुसार किसी वक्फ संपत्ति को तब तक वक्फ नहीं माना जाएगा जब तक कलेक्टर यह जांच कर रहा हो कि संपत्ति सरकारी जमीन है या नहीं।
3- वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद के सभी सदस्य मुस्लिम होने चाहिए, सिवाय पदेन सदस्यों के।
बता दें कि पिछले दिनों लोकसभा और राज्यसभा में लंबी बहस के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पास हुआ था। 5 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे मंजूरी दी। इसके बाद केंद्र सरकार ने हाल ही में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को अधिसूचित किया। वक्फ विधेयक पर राज्यसभा में 128 सदस्यों ने पक्ष और 95 ने विरोध में वोट दिया। लोकसभा में 288 सदस्यों ने समर्थन और 232 ने विरोध में वोट दिया था।
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