
नई दिल्ली. ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट को लेकर उठे विवाद को AIIMS के चीफ डॉ. रणदीप गुलेरिया ने विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने एक मीडिया को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि जब तक फाइनल रिपोर्ट नहीं आ जाती, यह कहना सही नहीं होगा कि दिल्ली ने जरूरत से 4 गुना अधिक ऑक्सीजन की डिमांड की थी।
बता दें कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के पीक में मेडिकल ऑक्सीजन को लेकर देशभर में हाहाकार मच गया था। तब सभी राज्यों को उसकी जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन मुहैया कराने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को 12 सदस्यीय स्पेशल ऑडिट पैनल बनाया था। इसकी रिपोर्ट ने दिल्ली सरकार की किरकिरी करा दी है। हालांकि यह रिपोर्ट अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है।
डॉ. गुलेरिया ने एक इंटरव्यू में कहा
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए फैसले का इंतजार करना चाहिए। अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है, इसलिए कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
शुक्रवार को रिपोर्ट बाहर आने पर शुरू हुआ था विवाद
शुक्रवार को ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट बाहर आने के बाद राजनीति विवाद छिड़ गया था। रिपोर्ट के अनुसार, 25 अप्रैल से 10 मई के बीच दिल्ली सरकार ने दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरूरत को बढ़ा-चढ़ाकर बताया था। इससे 12 राज्यों में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। यानी दिल्ली को सिर्फ 289 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन उसने 4 गुना डिमांड की।
दिल्ली सरकार ने दिया तर्क
इस रिपोर्ट के बाद दिल्ली सरकार को अपना तर्क देना पड़ा था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा-मेरा गुनाह है कि मैं करोड़ लोगों की सांसों के लिए लड़ता रहा। वहीं, रिपोर्ट पर बवाल मचने के बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का बयान सामने आया था। इसमें उन्होंने बीजेपी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। सिसोदिया ने कहा कि ऐसी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जब ऑक्सीजन कमेटी के सदस्यों ने अभी कोई रिपोर्ट अप्रूव ही नहीं की, तो ये रिपोर्ट कहां से आ गई? सिसोदिया ने कहा कि वे भाजपा को चुनौती देते हैं कि वे यह रिपोर्ट लेकर आएं।
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