अयोध्या का विकास मॉडल: मोदी ने कहा- अयोध्या ऐसी बनाओ कि नई पीढ़ी जीवन में एक बार यहां आने की इच्छा करे

Published : Jun 26, 2021, 11:28 AM ISTUpdated : Jun 26, 2021, 06:48 PM IST
अयोध्या का विकास मॉडल: मोदी ने कहा- अयोध्या ऐसी बनाओ कि नई पीढ़ी जीवन में एक बार यहां आने की इच्छा करे

सार

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इससे पहले अयोध्या के विकास को गति देने की कवायद चल रही है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 20 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक की। यह बैठक वर्चुअल हुई, जो करीब 45 मिनट चली।

लखनऊ. यूपी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या विकास प्राधिकरण की तरफ से मास्टर प्लान में शामिल 20 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट की समीक्षा की। यह बैठक वर्चुअल हुई, जो करीब 45 मिनट चली। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 13 वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले ही राज्य सरकार अयोध्या के विकास को गति देना चाहती है। मीटिंग में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट शामिल नहीं हुआ। मीटिंग में प्रजेंटेशन देने की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव आवास विकास को दी गई थी। माना जा रहा है कि वर्ष, 2024 तक मंदिर निर्माण के साथ यहां रोज करीब एक लाख पर्यटक और तीर्थ यात्री आएंगे।

मीटिंग में मोदी ने अयोध्या को यूं बयां किया

मोदी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपने जीवन में कम से कम एक बार अयोध्या जाने की इच्छा महसूस करनी चाहिए। अयोध्या एक ऐसा शहर है, जो हर भारतीय की सांस्कृतिक चेतना में अंकित है। मोदी ने प्रशासन से आह्वान किया कि अयोध्या को हमारी सर्वोत्तम परंपराओं और विकास से जुड़े परिवर्तनों के तौर पर प्रकट होना चाहिए।

मोदी ने अयोध्या को आध्यात्मिक और उदात्त (sublime) यानी उदार और महान नगर बताया। इस शहर के मानव लोकाचार (human ethos) भविष्य के बुनियादी ढांचे (futuristic infrastructure) से मैच होना चाहिए, जो पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए फायदेमंद होंगे।

उन्होंने कहा- अयोध्या में विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे। अयोध्या को प्रगति की अगली छलांग की ओर अग्रसर करने अभी से प्रयास शुरू करें। यह हमारा सामूहिक प्रयास है कि हम अयोध्या की पहचान का जश्न मनाएं और अपने अनूठे तरीकों से इसकी सांस्कृतिक जीवंतता को जिंदा रखें।

मोदी ने प्रजेंटेशन के दौरान विकास मॉडल और डॉक्यूमेंट्स को लेकर अपने कुछ सुझाव भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से भी सुझाव मांगे। साथ ही, अयोध्या के विकास मॉडल को समय सीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने पिछले 6 महीने से इस विकास मॉडल पर काम कर रहे अधिकारियों को बधाई भी दी।

बैठक में ये थे मौजूद

बैठक में दोनों डिप्टी CM केशव मौर्य और दिनेश शर्मा के अलावा अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह भी शामिल हुए। इसके अलावा वित्तमंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी, सिंचाई मंत्री महेंद्र सिंह सहित मुख्य सचिव, पर्यटन विकास विभाग के प्रमुख सचिव, नगर विकास के अपर मुख्य सचिव भी मौजूद रहे। बैठक में आवास विकास के प्रमुख सचिव ने प्रजेंटेशन के जरिये बताया कि अयोध्या में सौंदर्यीकरण को लेकर चल रहे प्रोजेक्ट्स में से कितने पूरे हो चुके हैं और कितनों पर काम चल रहा है।

मास्टर प्लान में ये प्रोजेक्ट शामिल

मास्टर प्लान में अयोध्या के विकास से जुड़ीं सभी परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इसमें पुरातत्व महत्व के मंदिरों और परिसरों के रखरखाव को भी अहमियत दी गई है। यह काम ASI करेगा।

20 हजार करोड़ रुपए के इन प्रोजेक्ट में  क्रूज पर्यटन परियोजना, रामकी पैड़ी पुनर्जनन परियोजना, रामायण आध्यात्मिक वन, सरयू नदी आइकॉनिक ब्रिज, प्रतिष्ठित संरचना का विकास ,पर्यटन सर्किट का विकास, ब्रांडिंग अयोध्या, 84 कोसी परिक्रमा के भीतर 208 विरासत परिसरों का जीर्णोद्धार, सरयू उत्तर किनारे का विकास आदि शामिल हैं। इसके साथ ही अयोध्या को आधुनिक स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा है। यहां 4 लाख रोजगार और 8 लाख अप्रत्यक्ष नौकरियां देने का दावा किया गया है। सरकार ने एक विजन 500 पर्यटकों के सुझाव के बाद एक विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया है। 

समीक्षा बैठक में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
अयोध्या के विकास की परिकल्पना एक आध्यात्मिक केंद्र, वैश्विक पर्यटन हब और एक स्थायी स्मार्ट सिटी के रूप में की जा रही है।

प्रजेंटेशन के जरिये प्रधानमंत्री को अयोध्या में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए विभिन्न आगामी और प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बारे में बताया गया। जैसे-एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन के विस्तार, बस स्टेशन, सड़कों और राजमार्गों जैसी विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर चर्चा की गई।

एक आगामी ग्रीनफील्ड टाउनशिप पर भी चर्चा की गई। इसमें तीर्थयात्रियों के ठहरने की सुविधा, आश्रमों के लिए जगह, मठ, होटल, विभिन्न राज्यों के भवन आदि शामिल हैं। अयोध्या में एक पर्यटक सुविधा केंद्र, एक विश्व स्तरीय संग्रहालय भी बनाया जाएगा।

अयोध्या में सरयू नदी और उसके घाटों के आसपास बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरयू नदी पर क्रूज संचालन को भी नियमित शुरू किया जाएगा।

शहर में साइकिल चालकों और पैदल चलने वालों के लिए भी पर्याप्त स्थान के साथ अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर आधुनिक तरीके से ट्रैफिक मैनेजमेंट भी किया जाएगा।

ये हैं 20 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स

  • 10000 करोड़ रुपए से ग्रीनफील्ड सिटी योजना विकसित की जा रही है।
  • 5000 करोड़ रुपए से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जा रहा है।
  • 2000 करोड़ रुपए से सरयू तट पर 13 किमी के क्षेत्र में विकास कार्य होना हैं।
  • 2588 करोड़ रुपए से 65 किमी की रिंग रोड बनाई जाना है।
  • 275 करोड़ रुपए पर्यटन केंद्र पर खर्च होंगे।
  • 289 करोड़ रुपए पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को तैयार करने पर खर्च किए जाएंगे।

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