जल्लीकट्टू के लिए प्रसिद्ध है तमिलनाडु का पलामेडु, इस साल 1000 बैल होंगे शामिल

Published : Jan 11, 2024, 02:43 PM ISTUpdated : Jan 11, 2024, 02:45 PM IST
Jallikattu

सार

पोंगल के अवसर पर तमिलनाडु में जल्लीकट्टू खेला जाता है। मदुरै जिले का पलामेडु जल्लीकट्टू के लिए प्रसिद्ध है। यहां इस साल 1000 बैल जल्लीकट्टू में शामिल होंगे। 

चेन्नई। तमिलनाडु को दुनिया भर में जल्लीकट्टू खेल के लिए जाना जाता है। राज्य के मदुरै जिले का पलामेडु जल्लीकट्टू के लिए प्रसिद्ध है। पलामेडु के वडिवासल में जल्लीकट्टू में भाग लेने के लिए बैल निकलेंगे। यह जल्लीकट्टू स्थल से आधा किलोमीटर दूर है। यहां वीआईपी के लिए मंच रहेगा। पलामेडु में जल्लीकट्टू की तैयारियों को लेकर हमने पूर्व बुल टैमर (बैल को वश में करने वाला) वणक्कम सार से बात की।

क्या आप बुल टैमर हैं?

वणक्कम सार- मैं पिछले 23 साल से बुल टैमर हूं। अब मेरे पास जल्लीकट्टू के लिए बैल भी है। बैल भगवान की तरह है। पलामेडु की खूबसूरती है कि यहां कभी बैल घायल नहीं होते। यह भगवान की कृपा है।

पलामेडु में जल्लीकट्टू कब होगा?

वणक्कम सार- यह कार्यक्रम मट्टू पोंगल (बुल पोंगल डे, 15 जनवरी) को होगा।

जल्लीकट्टू प्रतियोगिता के लिए कितने बैल आएंगे?

वणक्कम सार- 1000 बैल आएंगे। यह दोपहर 12 बजे शुरू होगा और तीन बजे खत्म होगा। उस दिन हम छोटा पुरस्कार पाने के लिए संघर्ष करते थे। अब बैल की कीमत बहुत बढ़ गई है। अब बैल की कीमत 1.50 लाख से 8 लाख रुपए तक है। हमें एक साल में एक बैल को खिलाने के लिए 50,000 रुपए से अधिक खर्च करने पड़ते हैं। हम पैसे के लिए बैल नहीं पालते। हम यह देवी-देवता, अपनी परंपरा और सम्मान बचाने के लिए कर रहे हैं।

क्या अब बैलों की संख्या बढ़ रही है?

वणक्कम सार- हां, बैलों की संख्या बढ़ रही है। कुछ लोग तो तीन बैल तक रखते हैं। तमिलनाडु में संस्कृति कभी नहीं बदली है। तमिलनाडु में कबड्डी, वॉलीबॉल, जल्लीकट्टू प्रमुख खेल हैं। तमिलनाडु में जल्लीकट्टू का महत्व है। तमिलों के लिए मट्टू पोंगल महत्वपूर्ण है। दिवाली, कार्तिगाई दीपम महत्वपूर्ण घटनाएं नहीं हैं। जल्लीकट्टू तमिलनाडु का एक वीरतापूर्ण खेल है।

इस साल जल्लीकट्टू के लिए कितने इनाम की घोषणा हुई है?

वणक्कम सार- मैं यह नहीं बता सकता। मैं बता सकता हूं कि पोंगल के दौरान किस तरह जल्लीकट्टू खेल होते हैं।

यह भी पढ़ें- कर्नाटक: होटल के रूम में दूसरे धर्म के आदमी के साथ थी बुर्का वाली महिला, छह लोगों ने पीटा

जो लोग जल्लीकट्टू के बारे में नहीं जानते उन्हें क्या बताना चाहते हैं?

वणक्कम सार-जल्लीकट्टू भगवान की तरह है। बैल भगवान है। मेरा बैल मुझ पर कभी हमला नहीं करता। अगर यह मुझ पर हमला करता तो मैं इसे नहीं पाल पाता।

यह भी पढ़ें- CEO सूचना सेठ ने बेटे के मर्डर से 1 दिन पहले पति को क्या मैसेज दिया?- पुलिस का शॉकिंग खुलासा

 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Meta को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई तगड़ी फटकार, कहा- नियम मानो वरना भारत छोड़ो
2 बच्चों संग रेलवे ट्रैक पर कटी महिला, सुसाइड नोट-पड़ोसियों के बयान सुन पुलिस के हाथ-पांव फूले