
मदुरई. कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में भी फैल चुका है। यहां अभी तक 11 लोगों की जान चली गई हैं वहीं 500 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। तमिलनाडु के मदुरई में कोरोना वायरस संक्रमित एक 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत बुधवार की देर रात हो गई थी। उसकी अंतिम विदाई में घरवालों को छोड़कर कोई भी शामिल नहीं हुआ।
शव को दफनाते समय सिर्फ उसकी पत्नी, बेटा और दो भाई ही शामिल हुए। उसका शव मेलामदाई कब्रिस्तान में दफनाया गया।
कड़ी निगरानी के बीच हुआ अंतिम संस्कार
कोरोना से मरे इस शख्स को कांधा देने तो क्या गांव में दूर-दूर तक कोई नहीं देखने तक नहीं निकल पाया। पुलिस के पहरे और कड़ी निगरानी के बीच शव का अंतिम संस्कार किया गया।
बीमारी से लड़ नहीं पाया उसका शरीर
अन्ना नगर के रहने वाले इस व्यक्ति को बुधवार देर रात मृत घोषित कर दिया। उसका इलाज सरकारी राजाजी अस्पताल (जीआरएच) में चल रहा था। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मृतक को पहले से ही डायबटीज, हाइपरटेंशन, सांस समेत कई बीमारियां थीं। इसके बाद उसे कोरोना संक्रमण भी हो गया जिसके कारण उसका शरीर ज्यादा समय तक बीमारी से लड़ नहीं पाया।
गड्ढा खोदने तक गाड़ी में रहा शव
अधिकारियों ने अस्पताल की प्रक्रियाएं पूरी कीं और उसके बाद उसका शव लगभग 3.30 बजे जीआरएच से सीधे कब्रिस्तान भेजा गया। यहां पर गड्ढे को खोदने का काम पूरा होने तक शव को वाहन के अंदर ही रखा गया। परिवार के सदस्यों के अलावा, शव के साथ माधिचियम स्टेशन की एक पुलिस टीम भी मौजूद थी।
छावनी में बदल दिया गया पूरा गांव
दफन के दौरान कोई मेडिकल टीम या स्वच्छता अधिकारी नहीं थे। दफनाने का काम सुबह 5 बजे तक पूरा हो गया। इस बीच, जिला प्रशासन ने गली में जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया था। जिस जगह पर मृतक का घर था उस रोड पर बने सभी 60 घरों के सभी लोगों को नजर में रखा गया है। इसके अलावा, विशेष सड़क के दोनों ओर की एक गली को भी बंद कर दिया गया था।
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