
अहमदाबाद। राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के प्रमुख और पूर्व सांसद तरुण विजय गुजरात में अनुसूचित जाति के संतों के साथ दिवाली मनाएंगे। इस दौरान वह सामाजिक सद्भाव का संदेश देंगे। उन्होंने यह पहल जाति से परे हिंदुओं को एकीकृत करने के लिए की है।
दलित अधिकार कार्यकर्ता तरुण विजय गुजरात में सामाजिक समरसता दिवाली मनाएंगे। वह दलित संतों से मिलेंगे और अनुसूचित जाति के संघर्ष की यादों का ताजा करेंगे। कार्यक्रम का समापन जंजारका स्थित प्रख्यात दलित संत शंकर प्रसाद टुंडिया के दलित आश्रम में होगा।
सिद्धपुर पाटन के दलित स्मारक मंदिर से शुरू होगी यात्रा
तरुण विजय की सामाजिक सद्भाव दिवाली यात्रा वीर मेघमाया के सम्मान में सिद्धपुर पाटन के प्रसिद्ध दलित स्मारक मंदिर में शुरू होगी। वीर मेघमाया ने हिंदू समाज में पूजा, संस्कार, पंडित पूजा की समानता हासिल करने के लिए सिद्धपुर राजा के शासन के दौरान संघर्ष किया था। उन्होंने 970 साल पहले अपने जीवन का बलिदान दिया था।
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तरुण विजय गोंडल के बांद्रा, राजकोट, कच्छ और अन्य क्षेत्र में धार्मिक महत्व के दलित स्थानों में जाएंगे और दलित संतों के मंदिरों का दर्शन करेंगे। वह गैर दलित हिंदुओं के साथ अनुसूचित जाति के परिवारों के साथ दिवाली मनाएंगे। उल्लेखनीय है कि तरुण विजय वडोदरा में डॉ बीआर अंबेडकर की संकल्प भूमि को एएसआई द्वारा राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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