UC सर्वे: कैसे बदलेंगे हालात? 50% लोग नहीं जानते महिला हेल्पलाइन, 60% छोटी स्कर्ट को मानते हैं दोषी

Published : Dec 10, 2019, 05:46 PM ISTUpdated : Dec 10, 2019, 05:58 PM IST
UC सर्वे: कैसे बदलेंगे हालात? 50% लोग नहीं जानते महिला हेल्पलाइन, 60% छोटी स्कर्ट को मानते हैं दोषी

सार

 UC ब्राउजर के सर्वे में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हालात को बदलने के लिए जानकारी सबसे बड़ा हथियार होती है और सर्वे में ये बात पता चली है कि आधे लोगों को तो महिला हेल्पलाइन का नंबर ही नहीं मालूम।

नई दिल्ली. हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म के बाद महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में चर्चा काफी गरम हो चुकी है। तमाम घटनाएं भी सामने आ रही हैं और सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक महिला अधिकारों और सुरक्षा की बातें की जा रही हैं। इन सब के बीच UC ब्राउजर के सर्वे में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हालात को बदलने के लिए जानकारी सबसे बड़ा हथियार होती है और सर्वे में ये बात पता चली है कि आधे लोगों को तो महिला हेल्पलाइन का नंबर ही नहीं मालूम।

जी हां, UC ब्राउजर ने यह सर्वे किया था कि क्या लोगों को महिला हेल्पलाइन 1091 के बारे में जानकारी है ? इसमें करीब आधे लोगों ने नकारात्मक जवाब दिया। ऑनलाइन किए गए इस सर्वे में कुल 12 हजार 502 लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 6 हजार 496 लोगों ने सही जवाब दिया जबकि छह हजार छह लोगों ने गलत विकल्प चुनें। ऐसे में 48 प्रतिशत लोगों को महिला हेल्पलाइन के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

इसी सर्वे में जब महिलाओं से बुरे व्यवहार के कारणों के बारे में पूछा गया तो करीब 60 प्रतिशत लोगों ने छोटी स्कर्ट को इसका कारण बताया। इस सर्वे में 17 हजार 861 लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 10 हजार 565 लोगों ने छोटी स्कर्ट को इसके लिए दोषी माना जबकि 7 हजार 296 लोगों ने अन्य विकल्प चुना।

इसके साथ ही दुष्कर्म के दोषियों को सजा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में 60 प्रतिशत लोगों ने फांसी के विकल्प को सही माना। सजा से जुड़े सर्वे में 24 हजार 215 लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 14 हजार 757 लोगों का मानना था कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए जबकि बाकी लोगों ने दोषियों को नपुंसक कर देने के विकल्प को चुना।

इसके साथ ही दुष्कर्म के मामले में वोट के साथ-साथ लोगों ने अपने कमेंट भी दिए। इसमें से ज्यादातर लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों को लेकर सख्त से सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही कुछ लोगों की सलाह थी कि महिलाओं को आत्मरक्षा में निपुण बनना चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी माना कि पुरूषों को इस बात की सीख देनी चाहिए कि महिलाओं से कैसे पेश आएं।

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