
नई दिल्ली. कोरोना महामारी को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि संक्रमण को रोकने के लिए जो कदम उठाए गए थे वह सफल रहे। 6 महीने में दिल्ली के 22.86 प्रतिशत लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, दिल्ली के हालात के लेकर हम चिंता नहीं कर रहे हैं। हम दिल्ली के हालात को लेकर एक हद तक संतुष्ट हैं। देश में 2 कोरेाना वैक्सीन फेज-1, फेज-2 ट्रायल में आ चुके हैं।
बड़े देशों की तुलना में कोरोना कम
स्वास्थ्य मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी राजेश भूषण ने कहा, भारत में आज भी 10 लाख जनसंख्या पर कोरोना मामलों की संख्या 837 है जो विश्व के बड़े देशों की तुलना में काफी कम है, कुछ देश तो ऐसे हैं जहां भारत की तुलना में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 12 या 13 गुणा मामले हैं।
- अगर प्रति 10 लाख जनसंख्या पर मृत्यु दर को देखें तो यह भारत में 20.4 है। यह भी विश्व में सबसे कम मृत्यु दरों में से है।
ठीक होने के बाद हो रही है दूसरी समस्या
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कई मरीज इलाज के बाद ठीक होने के बाद अन्य समस्याओं का सामने कर रहे हैं। इससे कैसे निपटा जाए उसपर विचार चल रहा है।
दिल्ली में सीरो सर्वे किया गया
नीति आयोग ने बताया, हमने सीरो सर्वे 27 जून से लेकर 10 जुलाई के बीच के भीतर था। यह सर्वे जून के तीसरे हफ्ते की तस्वीर पेश करता है। दिल्ली के 11 जिलों में से 8 में सीरो प्रिविलेंस 20 फीसदी से ज्यादा है। इनमें सबसे ज्यादा सेंट्रल, नॉर्थ ईस्ट, नॉ्रथ और शाहदरा जिले में 27 फीसदी आबादी में वायरस का प्रसार हो चुका है।
पीक का इंतजार नहीं करना चाहिए: नीति आयोग
नीति आयोग के डॉक्टर पॉल ने कहा, ऑक्सफॉर्ड और वुहान वैक्सीन के शुरुआती नतीजे प्रोत्साहित करने वाले हैं। देश में 2 वैक्सीन फेज-1, फेज-2 ट्रायल में आ चुके हैं। वैक्सीन को कैसे आमलोगों को उपलब्ध करना है उसे लेकर चर्चा जारी है। हमें पीक का इंतजार नहीं करना चाहिए। अपने स्तर पर ऐहतियात बरतनी चाहिए, जिससे कि मामले ना बढ़ें।
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