
नेशनल डेस्क। नए कृषि कानूनों के खिलाफ देश में चल रहे आंदोलन के बीच माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल करते हुए भड़काने वाले पोस्ट किए जा रहे थे। इसे लेकर केंद्र सरकार ने ट्विटर को आपत्तिजनक ट्टीट्स पर रोक लगाने का निर्देश दिया। इसके बाद ट्विटर ने कार्रवाई करते हुए आपत्तिजनक ट्वीट वाले हैंडल्स को ब्लॉक और डिएक्टिवेट करना शुरू कर दिया है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह ट्वीट के कंटेंट का रिव्यू करेगा और उन्हें आपत्तिजनक पाए जाने पर अकाउंट को डिएक्टिवेट कर देगा। अब तक ऐसे 702 ट्विटर अकाउंट डिएक्टिवेट किए जा चुके हैं। सरकार ने 1178 अकाउंट को हटाने के लिए कहा था। बता दें कि सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी एक्ट के सेक्शन 69A(3) के तहत ट्विटर को नोटिस भेजा था।
हो सकती है कड़ी कार्रवाई
बता दें कि आईटी एक्ट के सेक्शन 69A(3) के तहत सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काने वाली पोस्ट पर रोक नहीं लगाने पर सोशल मीडिया कंपनी के ऑफिशियल्स पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। उन्हें 7 साल तक की जेल की सजा के साथ जुर्माना भी देना पड़ सकता है। बहरहाल, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि ट्विटर ने निर्देशों को माना है और आपत्तिजनक कंटेंट वाले ट्विटर हैंडल्स को ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। आईटी मिनिस्ट्री की ओर से कहा गया है कि ट्विटर पर हैशटैग के साथ पीएम मोदी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और एक ऐसा महौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे सामाजिक सद्भावना खत्म हो और तनाव का माहौल बने।
पहले किए गए थे 126 ट्विटर हैंडल्स ब्लॉक
ट्विटर ने 702 हैंडल्स को डिएक्टिवेट करने के पहले 126 हैंडल्स को पहले ही ब्लॉक कर दिया था। जानकारी के मुताबिक 257 ट्विटर हैंडल्स ऐसे थे, जिनके जरिए #ModiPlanningFarmerGenocide हैशटैग के साथ आपत्तिजनक ट्वीट किए गए थे। वहीं, 583 ऐसे अकाउंट डिएक्टिवेट किए गए हैं, जिनका खालिस्तानी-पाकिस्तानी कनेक्शन था। सरकार को यह संदेह है कि ऐसे 1,178 ट्विटर हैंडल हैं, जिनका पाकिस्तानी-खालिस्तानी लिंक है।
क्या कहा ट्विटर ने
ट्विटर की ओर से कहा गया है कि भारत में कानून के अनुसार विचारों की अभिव्यक्ति की आजादी है। इसलिए मीडिया, पत्रकारों, एक्टिविस्ट्स और नेताओं के अकाउंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ट्विटर ने कहा है कि वह अभिव्यक्ति की आजादी की वकालत करता रहेगा, साथ ही भारत के कानूनों के मुताबिक चलना उसकी प्राथमिकता में शामिल है।
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